श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय को महावीर इनसां ने दिया देहदान

कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 21 जनवरी : श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के अंतर्गत आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान में चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के उद्देश्य से सिरसा निवासी स्वर्गीय महावीर सिंह इनसां की पार्थिव देह का स्वेच्छा से देहदान किया गया। यह महान निर्णय आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा, क्योंकि देहदान के माध्यम से विद्यार्थियों को मानव शरीर की वास्तविक संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्राप्त होता है। देहदाता के सम्मान में विभाग द्वारा श्रद्धांजलि एवं अंतिम सम्मान (ओथ सेरेमनी) का आयोजन किया गया,जिसमें सभी ने मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर रचना शारीर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश वत्स ने देहदाता एवं उनके परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देहदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। देह से विद्यार्थियों को सटीक, व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त होता है, जो भावी वैद्यों के प्रशिक्षण में अत्यंत सहायक है।
विभाग के प्राध्यापक डॉ. सचिन शर्मा ने देहदाता स्व. महावीर सिंह को नमन करते हुए उन्हें समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया। इस अवसर पर रचना शारीर विभाग के पीजी स्कॉलर एवं यूजी छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। देहदान मानवता की सर्वोच्च सेवा: कुलपति आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि देहदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है और देहदान चिकित्सा शिक्षा की आधारशिला है। ऐसे महान निर्णय न केवल विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों और जागरूकता को भी सशक्त करते हैं। विश्वविद्यालय देहदाता एवं उनके परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है।




