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महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय बरेली के 51 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )

बरेली : महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के 51 में स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ तथा इसके पश्चात विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र के कल्चरल क्लब की विद्यार्थियों द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमो की प्रस्तुति दी गई ।सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत ईश् वंदना , भारत के वीरों की गाथा संबंधित थीम डांस की प्रस्तुति, तथा अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम को दर्शाती हुई रैंप वॉक की प्रस्तुति कल्चरल क्लब के विद्यार्थियों के द्वारा की गई जिसे सभी के द्वारा सराहा गया श्रेय, पीयूष,महक,अक्षिता, लवी ,नीलम,अथर्व,
आदर्श, अश्मित, कैफ अंशिका ,प्रियम,प्रशांत, निष्ठा,दिव्यांश,खदीजा,भावना,प्रियंका,आदि कल्चरक्लब के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुतियां दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजेश कुमार पाठक, सचिव ,प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार, रहे, उन्होंने उद्बोधन में शिक्षक और विद्यार्थियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी साथ ही सलाह दी कि शिक्षा से व्यवसाय के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते है , सरकार स्टार्टअप के लिए हर संभव मदद हेतु तैयार है जिसका लाभ उठाने का सही समय है। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो.शेखर कश्यप, सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी आर्मी हॉस्पिटल नई दिल्ली ने अपने उद्बोधन में बरेली से अपने परिवार जनों की यादों को ताजा किया, उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समय के साथ अपनी सोच को बदलना होगा। सुनी सुनाई बातों पर विश्वास न करे अपने विवेक से सत्य को पहचाने, शिक्षा का यही धर्म है कि सत्य को पहचान कर सत्य का साथ दें, उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी ।
तत्पश्चात प्रधान वक्ता प्रो. शालिनी सिंह , निदेशक आईसीएमआर, राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर फाऊंडेशन डे लेक्चर दिया गया । उन्होंने कहा कि देश प्रगति की राह पर है ऐसे में विश्विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं, विद्यार्थी जीवन में अनुशासन और संयम का पालन करे, गुरु का सम्मान करे और जीवन को साकार करें बदलती जीवनशैली में शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत महत्व है।इसके साथ ही प्रो. डी.एस चौहान ,विशिष्ट अतिथि, निदेशक आईसीएमआर जालमा कुष्ठ रोग संस्थान आगरा द्वारा भी उद्बोधन दिया गया। अपने बरेली शहर की यादों को ताजा करते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति में शिक्षक और विद्यार्थियों की बहुत बड़ी भूमिका है।
मुख्य अतिथियों द्वारा उद्बोधन के पश्चात माननीय कुलपति जी द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त कर्ताओं को उपाधि प्रमाण पत्र व स्वर्ण पदक वितरित किए गए जिसमें अंसारी फरीदा, हर्ष सैनी, आकांक्षा ,चरणजीत तथा गुलसमन नईम अंसारी को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसके साथ ही साथ संजना सिंह को विवेकानंद युवा पुरस्कार प्राप्ति पर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात शिक्षक उत्तर कर्मचारियों को पुरस्कार वितरण किया गया जिसमें
मयंक अग्रवाल, इफ्तेखार आदिल, सचिन , सुधाकर कमल सिंह प्रसेनजीत ,बसंत रविंद्र श्रीवास्तव, संजीव कुमार, सुधांशु शर्मा ,सुमन सिंह ,सुनील चंद्र प्रदीप ,यादराम , अर्जुन तथा ज्ञान को को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही साथ इस वर्ष बेस्ट रिसर्चर के पुरस्कार क्रमशः प्रोफेसर उपेंद्र कुमार, डॉ आभा त्रिवेदी, डॉ विनय रिशीवाल, प्रोफेसर भोला खान, प्रोफेसर तूलिका सक्सेना, प्रोफेसर नवीन कुमार और प्रोफेसर मीनाक्षी द्विवेदी को प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अगले चरण में कुलपति जी द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन दिया गया जिसमें उन्होंने कहा कि आज विश्वविद्यालय की स्थापना का गौरवशाली दिन है , मै आप सभी को 51 वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हु, हमने अकादमिक उत्कृष्टता और नवाचार की जो राह चुनी है , वो हमें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के ओर ले जा रही है, हम सभी ने मिलकर उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के साथ संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया है।
विश्वविद्यालय में केवल शिक्षा ही नहीं दी जाती है बल्कि यह के विद्यार्थी आगे चलकर जॉब क्रिएटर बन रहे है उन्होंने बताया की इनक्यूबेशन सेंटर में लगभग 100 स्टार्टअप पर कार्य चल रहा है, विश्विद्यालय ने 5 गांव को भी गोद लिया है, आंगनवाड़ी केंद्र तथा नारी निकेतन केन्द्रों को भी विश्वविद्यालय द्वारा मदद की जा रही है। उन्होंने शोध छात्रों के लिए अनेक अवसरों का ज़िक्र किया। अपने कहा कि विश्वविद्यालय के द्वार सभी के लिए खुले हैं।
कुलपति जी द्वारा माननीय अतिथि गणों को अंग वस्त्र तथा स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली कल्चरल क्लब की टीम के साथ सामूहिक फोटोग्राफ हुआ और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। मंच संचालन सांस्कृतिक समन्वयक डॉ.ज्योति पाण्डेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में कुल सचिव श्रीमती ममता सिंह, परीक्षा नियंत्रक श्री संजीव कुमार सिंह ,प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. एस एस. बेदी, डॉ. ज्योति पांडे, प्रोफेसर के.के .माहेश्वरी,डॉ. इंद्रप्रीत कौर,मीडिया प्रभारी डॉ विनय वर्मा, श्री तपन वर्मा सहित समस्त संकायाध्यक्ष विभागाध्यक्ष ,शिक्षक कर्मचारी तथा छात्र आदि उपस्थित रहे।
स्थापना दिवस के इस अवसर पर एक रक्त दान शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों द्वारा 21 यूनिट रक्त जिला चिकित्सालय बरेली को उपलब्ध करवाया गया।

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