प्रशासन लाख कोशिशों के बाद भी रोकने में हुआ नाकाम

रायबरेली
रिपोर्टर विपिन राजपूत
प्रशासन लाख कोशिशों के बाद भी रोकने में हुआ नाकाम।
मनरेगाबचाओ संग्राम” के तहत 17 फरवरी को
लखनऊमें प्रस्तावित विधान सभा घेराव के लिए आज प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचा भाजपा यह साबित करती है कि वह जनशक्ति से भयभीत है। कल सुबह से सरकार के इशारे पर पुलिस के द्वारा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अरेस्ट किया जा रहा है यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। जब सरकारें जनता के सवालों का जवाब नहीं दे पातीं, तब वे पुलिस और प्रतिबंधों का सहारा लेती हैं। मनरेगा करोड़ों गरीब परिवारों की रोज़ी-रोटी का आधार है। इसे बचाने की आवाज़ उठाना अपराध नहीं, हमारा कर्तव्य है। लेकिन सत्ता जनहित के मुद्दों से भाग रही है और आंदोलन को कुचलने में ताकत दिखा रही है।
हम साफ कहना चाहते हैं— आवाज़को कैदकिया जा_ सकताहै विचारोंको नहीं। दमनसे डरनेवाले नहीं, संघर्षसे इतिहास लिखने वाले हैं।




