ग्रीन टेक्नोलॉजी स्किल की जबरदस्त मांग- प्रोफेसर दिनेश कुमार

एसवीएसयू में ग्रीन टेक्नोलॉजी स्किल पर प्रज्ञा परिसंवाद आयोजित,ग्रीन टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के दिग्गजों ने की भागीदारी।
ग्रीन टेक्नोलॉजी में स्किलिंग और प्रशिक्षण पर मिल कर काम करने का संकल्प।
पलवल, (प्रमोद कौशिक)18 फरवरी : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार ने कहा कि ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश में बड़ी क्रांति हो रही है। इसके लिए कुशल पेशेवरों की जबरदस्त मांग है। ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वह बुधवार को तक्षशिला भवन में इंडस्ट्री रिलेशन एन्ड एलुमनी अफेयर्स (इरा) द्वारा आयोजित प्रज्ञा परिसंवाद में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि यह दौर ग्रीन टैक्नोलॉजी का है। इसमें हाइड्रोजन एनर्जी से लेकर सभी तरह की अक्षय ऊर्जा के विविध आयामों पर काम करने की आवश्यकता है। इंडस्ट्री में इस क्षेत्र के पेशेवरों की भारी माँग है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय एनसीआर में रोज़गार के इस बूम को भुनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने इंडस्ट्री एक्सपर्ट से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि हम इंडस्ट्री की अपेक्षाओं के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज ने इंडस्ट्री एक्सपर्ट का स्वागत करते हुए उन्हें एसवीएसयू के मॉडल से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री की आवश्यकताओं को समझते हुए विद्यार्थियों को उन्हीं के अनुरूप कौशल देना हमारा लक्ष्य है। ग्रीन आइस सोलूशन्स की प्रबंध निदेशक रीना घई ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन एनर्जी में अंतर को समझते हुए स्किल्ड मैनपावर तैयार किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मेंटेनेंस, स्मार्ट ग्रिड, बैटरी टेक्नोलॉजी, हाइब्रिड सिस्टम और डिजिटल टूल्स से संबंधित स्किल्ड लोग नहीं मिल रहे हैं। यदि इस क्षेत्र में लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तो उन्हें एक दम से रोज़गार मिलते हैं। एनएमयू के ईपीसी हेड नवीन शर्मा ने सोलर टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रोज़गार के अथाह अवसर हैं, जबकि प्रशिक्षित लोगों की भारी कमी है। इसलिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण काम कर रहा है। मार्क एनर्जी के निदेशक चेतन शर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र में ऑपरेशन्स और मैंटेनस के कुशल लोगों की काफी कमी है। उन्होंने एसवीएसयू के प्रयासों की सराहना की। सोलर एज टेक्नोलॉजी के एचआर निदेशक भाविश अवस्थी ने कहा कि ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षण का अभाव है। उन्होंने एसवीएसयू के साथ मिल कर प्रशिक्षण और कौशल विकास पर चर्चा की। फोस्टीमे बिज़नेस स्कूल के निदेशक डॉ. आदित्य विज ने ग्रीन टेक्नोलॉजी स्किल के विविध आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस क्षेत्र में कुशल लोगों की भारी मांग है। इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज ने अतिथियों का आभार ज्ञापित किया।
प्रज्ञा परिसंवाद के इस कार्यक्रम में ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के अध्यक्ष प्रोफेसर सुनील गर्ग, डीन एसएफईटी प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुरेश कुमार, स्किल डिपार्टमेंट ऑफ़ इंडस्ट्री 4 पॉइंट ओ के अध्यक्ष प्रोफेसर कुलवंत सिंह, डॉ. सुनील कुमार शर्मा और उप निदेशक अमीष अमेया भी उपस्थित थे।




