
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 8 अप्रैल : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग तथा इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य शैक्षणिक और पेशेवर सहयोग को मजबूत करना तथा विश्वविद्यालय और पेशेवर संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
इस एमओयू पर हस्ताक्षर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा तथा कुलसचिव लेफ्टिनेंट (डॉ.) वीरेन्द्र पाल द्वारा किए गए। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शैक्षणिक और पेशेवर संस्थानों के साथ इस प्रकार का सहयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे समझौते अकादमिक जगत और पेशेवर संस्थानों के बीच तालमेल को मजबूत करते हैं तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।
वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. महाबीर नरवाल ने कहा कि इस प्रकार के समझौते विश्वविद्यालयों और पेशेवर संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में आईसीएमएआई की ओर से केंद्रीय परिषद सदस्य सीएमए एम.के. आनंद और सचिव सीएमए डॉ. देबप्रसन्न नंदी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त करनाल, पानीपत चैप्टर की संस्थापक सदस्य एवं वर्तमान अध्यक्ष सीएमए विधु, सचिव सीएमए रेखा, लखनऊ चैप्टर की कार्यकारिणी सदस्य सीएमए कविता तथा सीएमए रजनीश भी समारोह में मौजूद रहे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तरफ से इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, प्रो. महाबीर नरवाल, प्रो. सुभाष चंद, डॉ. जसविन्द्र सिंह, प्रो. मोहिन्द्र चांद, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, डॉ. मोहिन्द्र सिंह मौजूद थे।


