
जिला की सभी 417 गांवों के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 11 अप्रैल : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि आगजनी की घटनाओं पर सेटेलाइट के माध्यम से सीधी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई किसान अपने खेतों में गेहूं कटाई के उपरांत फसल अवशेषों में आग लगाता है तो तुरंत इसकी सूचना सैटेलाईट के माध्यम से अधिकारियों के पास पहुंच जाती है। इस पर अधिकारी खेतों में पहुंच कर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि नियुक्त किए गए अधिकारियों को कार्रवाई के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए गए है ताकि पर्यावरण दूषित होने से बच सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि किसानों की भूमि की उपजाऊ शक्ति नष्ट न हो, मित्र कीटों को नुकसान न पहुंचे, राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके तथा भविष्य में बच्चों व आमजन के स्वास्थ्य पर प्रभाव ना पहुंचे। इसके लिए एनजीटी ने दिशा निर्देश जारी कर फसल अवशेषों में आग ना लगाने के बारे आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक करने एवं आगजनी की घटनाओं की मॉनिटरिंग के लिए सम्बन्धित उप मण्डल अधिकारी (नागरिक) की अध्यक्षता में उप मंडल वाइज टीम गठित की गई है। इसमें तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, उप मंडल अधिकारी (पंचायती राज), सम्बन्धित थाना प्रभारी एवं कृषि विभाग के अधिकारी शामिल है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सभी 417 गांव को लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए है। सभी खंड स्तरों पर सदस्यीय अधिकारियों की टीमों का गठन कर दिया गया है। इसमें कृषि विभाग, पुलिस, पंचायत विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र यो अधिकारी शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान अपने खेतों में फसल अवशेषों में आग लगाता है तो उसकी सूचना सीधे राजस्व विभाग के माध्यम से पटवारियों को भेजकर उनके फॉर्म रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज करने एवं एफ.आई.आर. दर्ज करने बारे आदेश दिए हैं। भविष्य में यदि किसी किसान ने फसल अवशेषों में आग लगाने की कोशिश की तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ-साथ अन्य कानूनी कारवाई की जाएगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कोई भी किसान फसल अवशेषों में आगजनी की सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी दे सकता है ताकि मामले में त्वरित कार्रवाई की जा सकें। माननीय उच्चतम न्यायालय व एनजीटी के निर्देशानुसार यदि किसी थाना के क्षेत्र में फसल अवशेषों की आगजनी की घटनाएं पाई जाती है तो सम्बन्धित थाना प्रभारी, चौकी ईंचार्ज जिम्मेवार होंगे। उन्होंने कहा कि सभी गांवों में ग्राम स्तरीय टीमें 10 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक जागरूकता अभियान चलाएंगे तथा फसल अवशेषों से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में आमजन को जागरूक करेंगे।


