छुरिया क्षेत्र में केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग के गाइडलाइन अनुरूप ही कृषक एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं दी जा रही है निर्बाध बिजली, निर्माणाधीन भंडारपुर 132 उच्चदाब उपकेंद्र फरवरी 2026 में होगा क्रियाशील

छुरिया, 31 दिसम्बर 2025 – छुरिया क्षेत्र में बिजली कटौती के खबरों का बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता डोंगरगढ़ श्री प्रीतम जैकब ने खंडन किया है। उन्होने बताया कि केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाये गये नियमों के पालन में पूरे प्रदेश भर में प्रतिदिन कृषक उपभोक्ताओं को 18 घंटे एवं सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति के प्रावधान हैं। छुरिया उपकेन्द्र के शिकारीमहका फीडर से कृषि पंपों तथा ग्रामों के लिए अलग-अलग 11 के0व्ही0 लाइन स्थापित की गई है। नियामक आयोग के निर्देशानुसार छुरिया, लालबहादुर नगर एवं सड़क चिरचारी क्षेत्र के कृषि पंपो को 18 घंटे (सायं 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक को छोड़कर) निर्बाध विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। इस अवधि में घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे निरंतर भरपूर वोल्टेज पर विद्युत प्रदान की जा रही है। और किसी भी प्रकार की विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। कार्यपालन अभियंता श्री प्रीतम जैकब ने बताया केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के गाइडलाइन अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि पंपो 18 घंटे, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में 12 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश है। इस तरह हमारे यहां कृषक उपभोक्ताओं को 6 घंटे अधिक बिजली आपूर्ति करने के प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि छुरिया, लालबहादुर नगर एवं सड़क चिरचारी क्षेत्र में लगभग 6000 कृषि पंप के कनेक्शन मौजूद है। इस अंचल में लगभग 49 करोड़ रूपये की लागत से भंडारपुर में निर्माणाधीन 132 उच्चदाब उपकेन्द्र के कार्य फरवरी 2026 के आखिर तक पूर्ण कर चार्ज करने की तैयारी है। साथ ही 1 करोड़ 32 लाख रूपये की लागत से अछोली से सड़क चिरचारी 25 कि0मी0 33 के.व्ही. निर्माण का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। उक्त कार्याे के शुभारंभ से इस क्षेत्र के 119 गांवो के लगभग 35 हजार उपभोक्ताओं को इसका फायदा मिलेगा।
स्मार्ट मीटर के संदर्भ में कार्यपालन अभियंता ने बताया कि विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020 के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लिए गये निर्णय के तारतम्य में चरणबद्ध तरीके से पुराने इलेक्ट्रिकल मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलना है। अतः सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है। मीटर बदलने के कारण अधिक बिल आने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नई तकनीकों के माध्यम से आप अपने बैंक अकाउंट का संचालन घर बैठे ही मोबाईल फोन के माध्यम से कर सकते हैं, इसके लिए आपको बैंक जाने की जरुरत नहीं पड़ती ठीक उसी प्रकार अब उपभोक्ता अपने विद्युत मीटर का संचालन, खपत एवं बीलिंग की सटीक एवं सहीं जानकारी की सुविधा मोबाईल पर ही प्राप्त कर सकते हैं।




