
धर्मनगरी के नागरिक हर घर तिरंगा प्रदर्शनी में पहुंचकर प्राप्त करें राष्ट्रीय ध्वज की महत्वपूर्ण जानकारी।
लघु सचिवालय, लाडवा, शाहाबाद व पिहोवा उपमंडल में चारों जगह लगाई गई है प्रदर्शनी।
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर जिला में किए जा रहे हैं कार्य
-14 अगस्त को मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर में विभाजन विभीषिका के होंगे कार्यक्रम।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 11 अगस्त : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिला के नागरिक राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और राष्ट्र प्रेम की सोच के साथ अपने जीवन में कार्य करें, ताकि राष्ट्र का सम्मान ओर बढ़े। धर्मनगरी के नागरिक हर घर तिरंगा प्रदर्शनी में पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा की महत्वपूर्ण जानकारी को प्राप्त कर रहे हैं। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारी पहचान, सम्मान, स्वाभिमान और संकल्प का प्रतीक है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया हर घर तिरंगा अभियान अब जन आंदोलन बन गया है। हर नागरिक को इस अभियान में जुड़ने के लिए सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की तरफ से हर घर तिरंगा प्रदर्शनी लगाई गई है। उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शनी में को देखने की अपील की।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने मंगलवार को लघु सचिवालय में सूचना जनसंपर्क भाषा विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा प्रदर्शनी 13 व 14 अगस्त को नए लघु सचिवालय में, 15 को स्वतंत्रता समारोह और 16 व 17 को ब्रह्मसरोवर पर आयोजन किया जाएगा। सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा लघु सचिवालय के साथ-साथ उपमंडल अधिकारी कार्यालय लाडवा, शाहाबाद और पिहोवा में भी हर घर तिरंगा प्रदर्शनी को लगाया गया है। इस प्रदर्शनी में तिरंगा के संबंधित में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई गई है, जो नागरिकों के लिए काफी जानकारी मुहैया करवाने वाली होगी। तिरंगा अब केवल सरकारी भवनों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह हर घर, हर परिवार और हर नागरिक के जीवन से और दिल से जुड़ गया है। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि प्रदर्शनी में बताया गया कि राष्ट्रीय ध्वज को सूची, पॉलिएस्टर, ऊनी, रेशम या खादी के कपड़े से बनाया जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित नियम और कानून फ्लैग कोड के तहत आते हैं। फ्लैग कोड के नियमानुसार राष्ट्रीय ध्वज पर किसी भी प्रकार का कोई अक्षर, शब्द, वाक्य या स्लोगन नहीं लिख सकते हैं। इसी तरह राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा 1907 में डिजाइन किया गया। हमारे ध्वज का मूल डिजाइन पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के मध्य में बने अशोक चक्र में 24 तीलियां होती हैं। राष्ट्रीय ध्वज को सिर्फ कार के अंदर डैशबोर्ड या विंंड स्क्रीन पर ही प्रदर्शित किया जा सकता है। इसी तरह राष्ट्रीय ध्वज को फोल्ड करने के लिए भी नियम तय किया हुआ है। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने जिला के लोगों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के साथ हर घर तिरंगा डाट कॉम पोर्टल पर अपनी सेल्फी अपलोड करें। इसके बाद उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र प्राप्त होगा। राष्ट्रीय ध्वज हमारा मान, सम्मान और स्वाभिमान है। यह अभियान हमें हमारे संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को याद दिलाता है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि वंदे मातरम को 150 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसको लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी कार्यालयों में वंदे मातरम गीत रूटीन में गाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर में विभाजन विभीषिका का कार्यक्रम आयोजन किया गया है। उन्होंने नागरिकों को इन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में हिस्सा लेने की अपील की।
इस मौके पर जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी, डीआईपीआरओ डा. नरेंद्र सिंह, सुपरिटेंडेंट हाकम सैनी, एआईपीआरओ बलराम शर्मा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।


