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शिक्षण संस्थाऐं शिक्षण कार्य के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों की संवाहक- कुलपति

युवा स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तथा अभियान को जन-जन तक पहुंचाऐं,

सुविवि का अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर चंद्रमा ऋषि धाम पर चलाया बृहद स्वच्छता अभियान,

आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत शनिवार को चंद्रमा ऋषि आश्रम परिसर में स्वच्छता एवं सेवा पर आधारित एक प्रभावशाली अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान ने स्वच्छता के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदारी का सशक्त संदेश दिया।‘स्वच्छ भारत अभियान’ के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार के नेतृत्व में के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों— कुलसचिव, वित्त अधिकारी एवं परीक्षा नियंत्रक—ने स्वयंसेवकों को श्रमदान के लिए प्रेरित कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि शनिवार की सुबह
विश्वविद्यालय परिवार का काफिला जिसमें प्रशासन के लोग, शिक्षकगण, कर्मचारी एवं स्वयंसेवक आश्रम परिसर में जुट गए। अभियान के दौरान मंदिर के मुख्य प्रांगण, यज्ञशाला, आवागमन मार्गों तथा श्रद्धालुओं के विश्राम स्थलों की व्यापक सफाई की गई। साथ ही कचरा प्रबंधन, डस्टबिन की व्यवस्था एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। अपने संक्षिप्त संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संवाहक होते हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रमा ऋषि आश्रम जैसी धरोहरों की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और स्वच्छता व्यक्ति के आंतरिक संस्कारों का भी परिचायक है।
कुलसचिव डॉ अंजनी कुमार मिश्रा ने कहा कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि जन-जागरूकता का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।वित्त अधिकारी श्री झा सर ने स्वच्छता को स्वास्थ्य और विकास से जोड़ते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण समाज को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है और बीमारियों को कम करने में सहायक होता है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखने की बात कही।परीक्षा नियंत्रक श्री आनंद कुमार ने कहा कि जिस प्रकार शैक्षणिक जीवन में अनुशासन आवश्यक है, उसी प्रकार स्वच्छता के प्रति अनुशासन भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं से स्वच्छता को अपनी जीवनशैली में शामिल करने का आह्वान किया।अभियान के समापन पर आश्रम के महंत एवं स्थानीय नागरिकों ने विश्वविद्यालय परिवार के इस प्रयास की सराहना की। इस दौरान सभी ने प्रति सप्ताह कम से कम दो घंटे श्रमदान करने का संकल्प लिया।इस अवसर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्यवक डॉ. देवेन्द्र पाण्डेय के मार्गदर्शन में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रकाश शुक्ला, डॉ. हरेंद्र सिंह प्रजापति, डॉ. मनीषा सिंह सहित विश्वविद्यालय के डॉ. सचिन राय, डॉ. रेनू तिवारी, कुलपति के निजी सचिव भूपेंद्र पाण्डेय सहित अनेक शिक्षकगण, कर्मचारी एवं सैकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव वि.वि. आजमगढ़ मो.नं. 9452 4458 78

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