
ब्राह्मण समुदाय इस देश की संसकृति और सामाजिक तानेवाने की धुरी।
करनाल, प्रमोद कौशिक 10 अप्रैल : प्रदेश के पूर्व उप महाधिवक्ता तथा करनाल संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके राजकुमार शर्मा ने कहा है अब ब्राह्मण समुदाय अपनी उपेक्षा और अनेदखी को सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समुदाय के साथ वैश्य और क्षत्रिय समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पड़ी करने वालों के खिलफ कानूनी कार्रवाई के लिए कानून बनाए। उन्होंने कहा कि संविधान ने देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं। फिर सामान्य बर्ग के साथ भेदभाव कैसा उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक दल ने ब्राह्मण समुदा का अपमान किया हैं। वह अधिक समय तक अस्तित्व में नहीं रहा। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण किसी बर्ग का नाम नहीं एक विचार हैं। यदि पंडित नहीं होते तो वेद, उप निषद और भारती संस्कृति सभ्यता नहीं होती। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों अंग्रेजों की गुलामी के दौरान सभी ग्रंथ वेद रामायाण महाभारत यदि हमारी संस्कृति को दर्शाने वाले ग्रंथ जला दिए गए। उन्हें ब्राह्मणों ने एक परंपरा के रूप में एक जनरेशन से दूसरी जनेरेशन तक पहंंचाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इतिहास को तोड़ मरोड़ कर ब्राह्मणों को खलनायक के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गर्भ से लेकर मृत्यू तक तथा उसके बाद तक के सभी संस्कार ब्राह्मण पूरे करता हैं। ब्राह्मण सभी को एक नजर से देखता हैं। समाज में समरसता का प्रतीक ब्राह्मण हैं। यदि चांणक्य नहीं होते तो चंद्र गुप्त नहीं होते वशिष्ठ नहीं होते तो राम नहीं होते। संदीपनि नहीं होते तो कृष्ण नहीं होते यदि ब्राह्मण जातिवादी होता तो रावण नायक होता ना कि राम। उन्होंने देश की धुरी ब्राह्मण हैं। उन्होंने कहा कि आज जो राजनेता ब्राह्मणों के कंधे पर बैठ कर सत्ता में पहुंच कर इस समुदाय को अपमानित कर रहे हैं। उनकी राजनीति अधिक समय तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल वैश्य ब्राह्मण और क्षत्रिय समुदाय को उपेक्षित रख रहे है। इनकी खेर नहीं।

