नई पीढ़ी के नेताओं के देखकर वे उत्साह से भर जाते थे स्वतंत्रता सेनानी कामरेड जहीर खाँ – डा. बलिराम

नई पीढ़ी के नेताओं के देखकर वे उत्साह से भर जाते थे स्वतंत्रता सेनानी कामरेड जहीर खाँ – डा. बलिराम
अखिल भारतीय समरसता विचार मंच के तत्वावधान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबा कॉमरेड ज़हीर खाँ की 25वीं पुण्यतिथि पर कम्बल वितरण का कार्यक्रम बाबा की छाँवनी ग्राम गोंछा, पोस्ट देवकली, तारन जनपद, आजमगढ़ में सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम में आयें हुए अतिथियों का सम्मान स्वतंत्रा सेनानी के पौत्र आजाद नेता ने मेमोनटो व अंगवस्त्र देकर सम्मनित किया गया।

इस मौके पर स्वतन्त्रता सेनानी कामरेड जहीर खाँ के नाम पर रोड का शिलान्यास लक्ष्मण मौर्य चेयरमैन द्वारा किया गया

कार्य के मुख्य अतिथि बसपा के पूर्व सांसद डाक्टर बलिराम ने स्वतन्त्रता सेनानी कामरेड जहीर खाँ के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कामरेड जहीर खाँ का जन्म सन् 1891 में मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोछा, पोस्ट-देवकली तारन, तहसील मोहम्मदाबाद गोहना, जनपद-आजमगढ़ के प्रतिष्ठित जमींदार परिवार में हुआ था। उनके वालिद हबीबुल्लाह खाँ आधुनिक विचारों वाले जमींदार थे। इसलिए युवा जहीर खाँ पर उनका गहरा असर पड़ा। कामरेड जहीर खाँ गाँधी जी द्वारा स्वराज प्राप्ति के लिए छोड़े गये असहयोग आन्दोलन से प्रभावित होकर वह आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। भगत सिंह और उनके क्रान्तिकारी साथियों की शहादत का दौर था। जिससे प्रभावित होकर कामरेड जहीर खाँ कम्युनिष्ट हो गये। घोषी, मोहम्मदाबाद, मऊ से लेकर गाजीपुर तक कम्युनिष्ट पार्टी का प्रभाव बढ़ रहा था। जिसका असर सम्पूर्ण, आजमगढ़ में देखने को मिला। उस समय सरकार और जमींदारों का जुर्म बढ़ गया था तो आम कार्यकर्ता गरीब किसानों को संगठित करने लगे। कामरेड जहीर खाँ के निष्ठावान कर्तव्य को देखते हुए कम्युनिष्ट पार्टी में उन्हें बड़ा सम्मान प्राप्त था और 1912 में उनके 100 वर्ष पर हलधरपुर आयोजित कम्युनिष्ट पार्टी के तीन दिवसीय सम्मेलन में विशेष रूप से सम्मनित किया गया। नई पीढ़ी के नेताओं के देखकर वे उत्साह से भर जाते थे। उनके संरक्षण और सहयोग में जुल्फेकार अहमद, आलोक भारतीय, अतुल कुमारअंजान जैसे नेता आते रहते थे और वे दिल से उनका सहयोग करते थे कार्यक्रम में मोहम्मदाबाद के सपा विधायक सहित क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक सहित हजारों लोग उपस्थित रहें।




