
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 25 जुलाई : कला जीवन समिति, भिवानी द्वारा हरियाणा कला परिषद, कुरुक्षेत्र के सह-आयोजन तथा जिंदल फाउंडेशन, कुरुक्षेत्र, जाट धर्मशाला, कुरुक्षेत्र एवं जगदीश बुक डिपो, कुरुक्षेत्र के सहयोग से “कलांजलि–2026” का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के अमर शहीदों को कला के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सम्पूर्ण भारत से लगभग 200 कलाकारों ने सहभागिता करते हुए अपनी चित्रकृतियों के माध्यम से कारगिल के वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कलाकारों ने राष्ट्रभक्ति, वीरता, बलिदान एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित उत्कृष्ट कलाकृतियों का सृजन किया।
इस अवसर पर कारगिल शहीद संजीव की पूजनीय माता श्रीमती पार्वती देवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावनात्मक एवं प्रेरणादायी बना दिया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथियों में डॉ. कृष्ण श्योकंद, प्रधान अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला, कुरुक्षेत्र; श्री धर्मवीर जी, जिंदल फाउंडेशन, कुरुक्षेत्र; श्रीमती उमा सुधा तथा श्री श्यामलाल जांगड़ा, पूर्व लोकपाल, हरियाणा, उपस्थित रहे।
आयोजन का नेतृत्व कला जीवन समिति, भिवानी की अध्यक्ष डॉ. स्नेहलता ने किया, जबकि समिति की सचिव पूजा ने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में राष्ट्रीय समन्वयक दीपक, राज्य समन्वयक रजनी, हरियाणा कला परिषद, कुरुक्षेत्र की समन्वयक सीमा कम्बोज, कोषाध्यक्ष अनूप कुमार, सह- समन्वयक रविंदर राणा, शमशेर तथा सहयोगी संस्था जगदीश बुक डिपो, कुरुक्षेत्र का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर संस्था के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. राम विरंजन एवं डॉ. पवन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे तथा उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए ऐसे आयोजनों को राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
समापन अवसर पर सभी अतिथियों ने कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रचनात्मक अभिव्यक्तियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, शहीदों के प्रति सम्मान तथा भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं। अंत में आयोजकों ने सभी कलाकारों, अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।


