
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 27 जुलाई : गुरुकुल कुरुक्षेत्र में कारगिल विजय दिवस देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय सेना के उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा और रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना का संचार किया और उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, दृढ़ संकल्प और निःस्वार्थ समर्पण से परिचित कराया।
निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत की। अपने स्मृति संबोधन में उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस और वीरता का स्मरण किया। उन्होंने उन विषम और कठिन परिस्थितियों का उल्लेख किया, जिनमें भारतीय जवानों ने युद्ध लड़ा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अनेक वीर सैनिकों ने राष्ट्र के सम्मान और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से वीर सैनिकों के साहस, अनुशासन और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एनडीए विंग के कैडेटों द्वारा प्रस्तुत कारगिल युद्ध का जीवंत नाट्य मंचन रहा। कैडेटों ने विभिन्न दृश्यों के माध्यम से भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कारगिल संघर्ष की शुरुआत से लेकर भारतीय सेना के सामने आई कठिन चुनौतियों तथा अंततः भारत को विजय दिलाने वाले साहसिक सैन्य अभियानों तक की पूरी गाथा को मंच पर जीवंत कर दिया।
प्रस्तुति इतनी सजीव और प्रभावशाली थी कि दर्शकों को ऐसा प्रतीत हुआ मानो कारगिल युद्ध की ऐतिहासिक घटनाएँ उनकी आँखों के सामने प्रत्यक्ष रूप से घटित हो रही हों। विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते सैनिकों के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्र के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के चित्रण ने उपस्थित सभी लोगों के हृदय पर गहरी छाप छोड़ी।
पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण देशभक्ति और भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना से सराबोर रहा। विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों को कृतज्ञतापूर्वक नमन किया।

