
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 25 जुलाई : भारतीय बाल रोग अकादमी (आईएपी) के राष्ट्रीय आईएपी सीपीआर मास अवेयरनेस डे के उपलक्ष्य में आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मोहड़ी के बाल रोग विभाग द्वारा बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एवं कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी शुरुआत आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निदेशक डा. गुणतास सिंह गिल ने की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया सिखाना नहीं बल्कि ऐसे चिकित्सतक तैयार करना है जो आपातकालीन परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से सीपीआर के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा भावी चिकित्सकों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के लिए प्रशिक्षित करना है। प्रिंसिपल डा. एन एस लांबा ने कहा कि हृदयाघात के बाद शुरुआती कुछ मिनट मरीज के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी का सीपीआर में निपुण होना आवश्यक है। इस प्रशिक्षण में एमबीबीएस के 110 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उद्घाटन सत्र और आईएपी की जागरूकता वीडियो दिखाने के बाद विद्यार्थियों को तीन घंटे का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें चार अलग-अलग स्किल स्टेशनों पर वयस्क, बच्चों एवं शिशुओं को सीपीआर देने की तकनीक तथा गले में बाहरी वस्तु फंसने (एफबीएओ) की स्थिति से निपटने का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के फीडबैक सत्र और शपथ ग्रहण के साथ हुआ। इस अवसर पर निदेशक डा. गुणतास सिंह गिल, प्रिंसिपल डा. एनइस लांबा, डा. जी.एस. धनजल, डा. बलजीत मैनी, डा. विवेक मित्तल, डा. विक्रांत प्रभाकर तथा डा. नीरू शर्मा मौजूद रहे।
जीवनरक्षक सीपीआर का प्रशिक्षण प्राप्त करते मेडिकल स्टूडेंट्स।


