धाकड़ है धाकड़ के गीत और संगीत की धुन पर कैटवॉक पर चमकी बिजली

पशु मेले की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के रैम्प पर राजबाला,कैटरीना और सपना नाम की बकरी ने भी बिखेरे जलवे, गजराज और बाहुबली ऊंट के नृत्य ने भी मोहा सबका मन, केन्द्रीय पशुपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने भी की खूब प्रशंसा।

कुरुक्षेत्र, (संजीव कुमारी) 7 फरवरी : धाकड़ है धाकड़ है के गीत और संगीत पर जहां आमजन मस्ती में झूम जाता है, वहीं कुरुक्षेत्र की राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में मारवाड़ी नस्ल की घोड़ी बिजली ने कैटवॉक पर धमाल मचा दिया। इस घोड़ी ने गीत की धुन पर नृत्य किया और सबको तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इतना ही नहीं पशु मेले के रैम्प पर गजराज और बाहुबली ऊंट के नृत्य ने सबको आश्चर्यचकित कर दिया तथा राजबाला, सपना और कैटरीना नाम की बकरी ने डांस करने में पीछे नहीं रही। इन पशुओं के डांस और नृत्य ने राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में चार चांद लगा दिए।
कुरुक्षेत्र केडीबी मेला क्षेत्र में 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का दूसरा दिन भी बकरी, ऊंट, घोड़ी के नृत्य के नाम रहा। इस मेले में रैम्प के मंच को देखने के लिए हजारों की संख्या में पशुपालक एकत्रित हुए वहीं मुख्य मंच पर केन्द्रीय पशुपालन एवं मत्स्य मंत्री राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह, इन्द्री के विधायक रामकुमार कश्यप और चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर के साथ-साथ महानिदेशक डा. प्रेम सिंह मौजूद रहे। इस रैम्प पर सबसे पहले मुर्रा नस्ल के भैंसे, योद्धा केसरी ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उसके बाद रैंप पर पशुओं का दौर शुरू हुआ। इस कड़ी में बाहुबली और गजराज ऊंट ने संगीत की धुन पर जमकर डांस किया और दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
रैम्प के मंच पर दर्शकों की तालियों की गूंज के बीच ही बिजली नाम की घोड़ी ने अपने कदम रखे और धाकड़ है धाकड़ है के गीत और संगीत की धुन के साथ डांस किया। इस मारवाड़ी नस्ल की घोड़ी के नृत्य को हर किसी ने सराहा। यहां तक की केन्द्रीय पशुपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने खडे होकर तालियां बजाई और पशुपालकों द्वारा दिए गए प्रशिक्षण की जमकर तारीफ की। इस बिजली जैसे नृत्य के बाद सपना, राजबाला और कैटरीना नाम की बकरी भी डांस करने में पीछे नहीं रही। इन तीनों बकरियों ने पशुपालकों के मन पर एक अनूठी छाप छोड़ी है।
राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में महेंद्रगढ़ से पशुपालक सोमवीर बिजली नाम की घोड़ी, सपना, कैटरीना और राजबाला बकरियों के साथ-साथ गजराज और बाहुबली ऊंट के अलावा कई अन्य पशुओं को लेकर पहुंचे है। पशुपालक सोमवार का कहना है कि लगभग 4 वर्षीय घोड़ी बिजली मारवाड़ी नस्ल की है। इस घोड़ी को 20 दिन का प्रशिक्षण दिया गया। इस घोडी के चाहने वाले बहुत ज्यादा है और यह उसके लिए बेशकीमती घोड़ी है।
महानिदेशक डा.प्रेम सिंह का कहना है कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के रैम्प पर हरियाणा प्रदेश के चुनिंदा अच्छी नस्ल के पशुओं को कैटवॉक के लिए रैम्प का मंच उपलब्ध करवाया गया है। इस मंच पर पहुंचने वाले पशु बेश कीमती है। इनको पशुपालकों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। यह इवेंट मेले का सबसे महत्वपूर्ण इंवेंट माना जाता है।




