
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बिसौली के वन्दना सत्र में विद्या भारती के पूर्व संगठन मंत्री एवं क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनीराम की गरिमामय उपस्थित रही।उन्होंने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन किया। और विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार यादव ,वरिष्ठ आचार्य वेदराम ,रविकांत पाण्डेय और वीरेंद्र सिंह ने अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया।
इसके पश्चात मनीराम जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वन्दना सत्र केवल एक दैनिक क्रिया नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन और एकाग्रता का माध्यम है।
उन्होंने भैया-बहनों को संबोधित करते हुए एक श्लोक के माध्यम से भैया बहनो को समझाया कि ,
अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः, चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्यायशोबलम्।
अर्थात- हमारे जीवन मे बडो का अभिवादन करने और बुजुर्गो की सेवा करने से चार चीजो की वृद्धि होती है। आयु ,विद्या ,यश और बल।
उन्होंने भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि यही मूल्य हमें एक श्रेष्ठ नागरिक बनाते हैं।
उन्होंने बताया कि अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें, गुरुओं का सम्मान करें और अपने आचरण से परिवार एवं विद्यालय का नाम रोशन करें। उनके उद्बोधन ने उपस्थित सभी भैया-बहनों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
प्रधानाचार्य संजीव कुमार यादव मनीराम जी के विद्यालय आगमन पर हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मनीराम जी का सान्निध्य विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है। उनके मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायक विचारों से भैया-बहनों को जीवन में आगे बढ़ने की नई दिशा प्राप्त हुई है।
प्रधानाचार्य ने आगे कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों का विद्यालय में आगमन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करता है।
अंत में उन्होंने विद्यालय परिवार की ओर से मनीराम जी को पुनः धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
यह वन्दना सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं मार्गदर्शक सिद्ध हुआ। विद्यालय के सभी आचार्य बंधु उपस्थित रहे।


