मातृ शक्ति अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करें : कुलपति

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक दूरभाष – 94161 91877
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित।
कुरुक्षेत्र, 10 मार्च : श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि उन्हें आयुष विश्वविद्यालय की मातृ शक्ति पर गर्व है। उन्होंने कहा कि समाज और देश को सशक्त बनाने में जितनी महत्वपूर्ण भूमिका मातृ शक्ति की है, शायद ही किसी और की हो। वे मंगलवार को आयुष विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने परिवार और समाज से जुड़े रहेंगे, तब तक हमारा राष्ट्र भी सशक्त बना रहेगा। कुलपति ने कहा कि मातृ शक्ति को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए।
कार्यक्रम में महिला पुलिस थाना से मुख्य सिपाही अनीता देवी और हरजीत कौर ने शिरकत की, जबकि महिला अधिवक्ता आरती अग्रवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता प्रो. दीप्ति पराशर, प्रोक्टर प्रो. सतीश वत्स, प्रो. सीमा रानी, प्रो. आशु विनायक, प्रो. विदुषी त्यागी, डॉ. मनीषा खत्री, डॉ. अनामिका व डॉ. सुमन सहित संस्थान की अन्य महिला चिकित्सक एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य सिपाही अनीता देवी और हरजीत कौर ने डायल-112, ट्रिप मॉनिटरिंग सहित महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस की सहायता प्राप्त कर सकती हैं। इसके अलावा यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रिप मॉनिटरिंग सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से पुलिस यात्रा के दौरान महिलाओं की लोकेशन और सुरक्षा पर नजर रखती है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध या उत्पीड़न की स्थिति में बिना डर के तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
वहीं महिला अधिवक्ता आरती अग्रवाल ने छात्राओं को महिलाओं से संबंधित कानूनी अधिकारों और सुरक्षा कानूनों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, साइबर बुलिंग और दहेज उत्पीड़न जैसी घटनाओं के खिलाफ कड़े कानून बनाए गए हैं। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी अन्याय की स्थिति में कानूनी सहायता लेने से पीछे न हटें।




