अपराध से दूरी बनाकर खेल और सकारात्मक गतिविधियों को अपनाएं : नवीन जिन्दल

जिला कारागार में ‘केपीपीएल’ का एग्जीबिशन मैच द्वारा किया गया आगाज।
सांसद नवीन जिन्दल ने वॉलीबॉल कोर्ट का उद्घाटन किया, बंदियों को कानूनी सहायता का आश्वासन।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी) 20 फरवरी : जिला कारागार एवं सुधार गृह में आज एक नई सकारात्मक पहल की शुरुआत हुई, जब नवीन जिन्दल फाउंडेशन के सहयोग से ‘कुरुक्षेत्र प्रिजनर्स प्रीमियर लीग (केपीपीएल)’ का आगाज , एग्जीबिशन मैच द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद नवीन जिन्दल ने भाग लिया और बंदियों के बीच आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर सांसद नवीन जिन्दल ने फाउंडेशन द्वारा स्थापित नए वॉलीबॉल कोर्ट का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जीवन में इंसान से गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उनसे सीख लेकर स्वयं को सुधारना ही सच्चा साहस है। जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और नई शुरुआत का अवसर भी है।
सांसद जिन्दल ने कहा कि कई बार कानूनी प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण निर्दोष व्यक्ति भी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। उनका प्रयास रहेगा कि ऐसे बंदियों का डेटा एकत्रित किया जाए, जो बेकसूर होने के बावजूद फंस गए हैं या छोटे अपराध के बदले लंबी सजा काट रहे हैं। इस संबंध में वे सरकार के समक्ष विचार हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे तथा संसद में भी आवाज उठाएंगे कि जो व्यक्ति अपराध छोड़कर शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता है, उसे सुधार का अवसर प्रदान करने के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि खेल व्यक्ति के भीतर अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करते हैं। इसी उद्देश्य से कारागार में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जेल प्रशासन से आग्रह किया कि यदि अन्य खेल सामग्री की आवश्यकता हो तो वह भी उपलब्ध कराई जाएगी। उनका लक्ष्य है कि अप्रैल माह से इस लीग को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाए।
सांसद जिन्दल ने बंदियों से आह्वान किया कि वे अपराध से दूरी बनाकर खेल और सकारात्मक गतिविधियों को अपनाएं। अब समय है जेल से खेल की शुरुआत करने का।
साथ ही उन्होंने जेल में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित करने की भी बात कही, ताकि बंदियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी मिल सके और वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक पुनः जुड़ सकें।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक धर्मवीर सिंह और जेल प्रशासन के अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह पहल सुधार और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




