
सेंट्रल डेस्क सह संपादक डॉ. संजीव कुमारी
हरिद्वार,4 अगस्त : दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में 29 एवं 30 अगस्त 2026 को अवधूत मण्डल आश्रम (बड़ा हनुमान मंदिर,शंकर आश्रम चौक) हरिद्वार में आयोजित होने जा रहे द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। यह दो दिवसीय आयोजन गंगा संरक्षण, भारतीय संस्कृति, साहित्य एवं आध्यात्मिक चेतना को समर्पित रहेगा।
षडदर्शन साधुसमाज के संगठन सचिव वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव का मुख्य विषय भारत के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के विकास में गंगा का महत्व रखा गया है। कार्यक्रम में देश-विदेश से संत-महात्मा, शिक्षाविद, साहित्यकार, पर्यावरणविद, शोधकर्ता, पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे।
उन्होंने बताया कि 29 अगस्त (शनिवार) को दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती एवं गंगा वंदना, स्वस्तिवाचन तथा अतिथियों के उद्बोधन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके उपरांत विचार मंथन एवं संगोष्ठी में भारतीय संस्कृति में मां गंगा का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व, गंगा संरक्षण की चुनौतियां एवं समाधान तथा भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण और विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। सांस्कृतिक सत्र में भजन, नृत्य, नाट्य मंचन एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इसी दिन विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को गंगा सेवी सम्मान एवं टीजीटी साहित्य सेवी सम्मान से अलंकृत किया जाएगा।
30 अगस्त (रविवार) को प्रातः 10 बजे से हरि इच्छा तक भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित कवि एवं साहित्यकार अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे।
डॉ. पाण्डेय ने देशभर के साहित्यकारों, गंगा प्रेमियों एवं सामाजिक संगठनों से इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह करते हुए कहा कि गंगा की सेवा ही मानवता की सेवा है। स्वच्छ गंगा, स्वस्थ भारत और संस्कृति, साहित्य एवं सेवा का यह महायज्ञ सभी के सहयोग से सफल होगा।
उन्होंने इच्छुक प्रतिभागियों से समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया तथा अधिक जानकारी के लिए मो. 95203 19001 एवं 95682 72638 पर संपर्क करने की अपील की।
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