जापानी संस्थानों से हाथ मिलाएगा श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय

एक सप्ताह के जापान दौरे से लौटे कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कई जापानी संस्थानों ने की साझेदारी की पेशकश।
नर्सिंग,एल्डर केयर, योगा,प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन और कंस्ट्रक्शन सहित विभिन्न क्षेत्रों युवाओं की जापान में सबसे ज्यादा जरूरत।
पलवल, (प्रमोद कौशिक) 19 जनवरी : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय जापान के साथ अपनी साझेदारी बढ़ाएगा। इसके लिए कई बड़े जापानी संस्थानों के साथ हाथ मिलाने की तैयारी है। अपनी एक सप्ताह की जापान यात्रा से लौटे कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया इंडिया जापान हायर एजुकेशन मिशन के अंतर्गत यह दौरा बेहद सफल रहा। इंडिया- जापान यूनिवर्सिटी लीडर्स समिट-2026 में कई जापानी संस्थानों ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ आपसी साझेदारी की पेशकश की है। यह परस्पर साझेदारी न केवल अकादमिक तौर पर महत्वपूर्ण होगी, बल्कि युवाओं के रोजगार की दृष्टि से भी यह काफी महत्वाकांक्षी कदम साबित होगा।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने अपने जापान दौरे में वहां के कई नामचीन विश्वविद्यालयों, शिक्षण तथा प्रशासनिक संस्थानों का भ्रमण किया और उनके शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें की। इनमें क्योटो यूनिवर्सिटी, कंसाई यूनिवर्सिटी, सोफिया यूनिवर्सिटी और जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गेनाइजेशन सहित कई संस्थानों के नाम शामिल हैं। जापान के शिक्षा, संस्कृति, खेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ भी टोक्यो में महत्वपूर्ण बैठक हुई है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि जापान भारत को अपने रणनीतिक साझीदार के रूप में और प्रगाढ़ संबंध बनाना चाहता है। इसी कड़ी में वहां की सरकार भारत के साथ उच्च शिक्षा, रिसर्च, मोबिलिटी, प्रतिभा विकास और कौशल विकास के कार्यक्रमों में भागीदारी चाहती है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज के तत्वावधान में आयोजित समिट में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सुमेलित करते हुए विविध आयामों पर चर्चा हुई है। जापान के सभी संस्थान भारतीय संस्थानों के साथ भागीदारी के लिए उत्सुक हैं। वर्क फ़ोर्स और पेशेवर क्षेत्रों में भारत का प्रतिनिधत्व बढ़ाने के लिए जापानी खुली बाहों से स्वागत कर रहे हैं। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि नर्सिंग, एल्डर केयर, योगा, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन और कंस्ट्रक्शन सहित विभिन्न क्षेत्रों युवाओं की जापान में बहुत जरूरत है। यदि हमारे युवा जापानी लेंग्वेज के लेवल पार कर लें तो उसी के अनुरूप रोजगार के अवसर उनका इंतजार कर रहे हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय जापानी लेंग्वेज कोर्स को अन्य स्किल आधारित प्रोग्राम के साथ जोड़ कर इस दिशा में तत्परता से कार्य करेगा। उन्होंने भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक और कौंसल जनरल ऑफ़ इंडिया चंद्रु अप्पार के सहयोग और सत्कार की भी सराहना की।
जापानी प्रतिनिधियों के साथ दस्तावेजों का आदान- प्रदान करते कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार।




