दस करोड़ का फंड जुटाएगा स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन

दहुआ टेक्नोलॉजी कंपनी से मिले सीएसआर में 30 लाख रुपए, पलवल जिले की 400 जरूरतमंद छात्राओं को बांटे जाएंगे टेबलेट।
फाउंडेशन के निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले।
पलवल, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 17 मार्च : एसवीएसयू स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन ने एक वर्ष में सीएसआर से 10 करोड़ रुपए का फंड जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह राशि जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई, आधुनिक लैब और कौशल विकास परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी। पलवल जिले की 400 जरुरतमंद छात्राओं को पढ़ाई के लिए टेबलेट भी प्रदान किए जाएंगे। इस पर 30 लाख रुपए की लागत आएगी।
मंगलवार को कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित फाउंडेशन के निदेशक मंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य गरीब बच्चों को शिक्षा के माध्यम से मुख्य धारा में जोड़ना और मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना है। साथ ही इसके माध्यम से स्किल इकोसिस्टम को और अधिक मज़बूत किया जाएगा। कुलगुरु प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार ने बताया कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले जरूरतमंद और मेधावी विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप के दायरे को और अधिक बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय के आसपास देहात की ड्राप आउट हो चुकी छात्राओं की शिक्षा फिर से शुरू करवाने का अभियान भी चलाया जाएगा। उनकी स्कूल की फीस व अन्य खर्च फाउंडेशन वहन करेगा। बोर्ड की सदस्य एवं कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें स्किल प्रोग्राम में जोड़ने का सुझाव दिया। अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने स्किल इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने को दिशा में कदम उठाए जाने की बात कही।
निदेशक मंडल की बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी एवं संस्थापक कुलगुरु रहे डॉ. राज नेहरू ने फाउंडेशन के माध्यम से इनोवेशन को बढ़ावा देने और मेधावी विद्यार्थियों को और आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। निदेशक पंकज धर ने
ग़रीब छात्राओं की शिक्षा को निरंतर करने के लिए क्षेत्र का सर्वे करने और इन छात्राओं को स्किल से जोड़ने की योजना पर काम करने का सुझाव दिया। प्रोफेसर आरएस राठौड़ और प्रोफेसर प्रिया सोमैया ने भी सीएसआर के धन से शिक्षा और स्किल पर काम करने की सहमति दी।
फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव सिंह ने बताया कि दहुआ टेक्नोलॉजी ने जरूरतमंद छात्राओं के लिए सीएसआर से 30 लाख रुपए फाउंडेशन को दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से 400 जरुरतमंद और मेधावी छात्राओं को चिह्नित करके यह टेबलेट दिए जाएंगे। इनका प्रयोग छात्राएं केवल पढ़ाई के लिए करें, इस दिशा में भी फाउंडेशन काम करेगा। गौरव सिंह ने बताया कि दहुआ टेक्नोलॉजी के साथ एसवीएसयू ने एक एमओयू भी किया है। इसके अंतर्गत शिक्षा और कौशल परियोजनाओं पर मिल कर काम किया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव सिंह ने बताया कि समीक्षा बैठक में अदानी ग्रुप की ओर से प्राप्त हुए 50 लाख रुपए व अन्य अनुदानों के सदुपयोग पर भी चर्चा हुई।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार को तीस लाख रुपए का चेक सौंपते एसआईएफ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव सिंह।




