Uncategorized

ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति धाम सेवा केंद्र द्वारा जिला जेल व ग्रामीण क्षेत्रों में शिवरात्रि के आध्यात्मिक कार्यक्रम हो रहे आयोजित

कुरुक्षेत्र, (संजीव कुमारी) 7 फरवरी: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति धाम सेवा केंद्र की ओर से सेंटर इंचार्ज राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज बहन जी की अध्यक्षता में 3 फरवरी से विशेष आध्यात्मिक जागरूकता कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया है। इस सेवा अभियान के अंतर्गत नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित विभिन्न संस्थानों में जाकर शिव परमात्मा का सत्य एवं आध्यात्मिक परिचय दिया जा रहा है, ताकि समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मक जीवन मूल्यों की स्थापना हो सके।


इसी श्रृंखला में आज कुरुक्षेत्र जिला जेल में एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जेल एस. पी धर्मवीर सिंह, डी .एस .पी रोहन हुड्डा तथा कर्मचारी सुरेंद्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदी भाइयों में आत्मिक जागरूकता, मानसिक शांति एवं सकारात्मक जीवन दृष्टि का विकास करना रहा।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी राधा बहन ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परमपिता परमात्मा शिव हम सभी आत्माओं के परम पिता एवं सच्चे कल्याणकारी हैं। वे ज्ञान के सागर,आनंद के सागर, प्रेम के सागर तथा सभी का पालन करने वाले हैं। परमात्मा शिव बुद्धि को पवित्र और श्रेष्ठ बनाने वाले तथा दिव्य दृष्टि प्रदान करने वाले हैं, जिनके ज्ञान से मानव जीवन में वास्तविक परिवर्तन संभव है।
ब्रह्माकुमारी मधु बहन ने शिवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए तनावमुक्त जीवन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण वातावरण में राजयोग साधना अत्यंत आवश्यक है। राजयोग के अभ्यास से मन को व्यर्थ चिंतन से मुक्त कर परमात्मा से जोड़ना संभव होता है, जिससे जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता आती है। उन्होंने बताया कि जब हम प्रतिदिन परमात्मा के साथ आत्मिक संबंध स्थापित करते हैं, तब वही परमात्मा हमें श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर मधु बहन ने सभी को मेडिटेशन की अनुभूति कराकर गहन शांति का अनुभव भी कराया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेल एस पी धर्मवीर सिंह ने ब्रह्माकुमारी संस्था का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए नैतिक, आध्यात्मिक एवं मानसिक सशक्तिकरण का कार्य कर रही है। ऐसे कार्यक्रम बंदी भाइयों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने भी शिवरात्रि के आध्यात्मिक पक्ष पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान बीके बिमला, गीता, रोशनी, सोनम एवं बीके शैलजा द्वारा एक प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। नाटिका के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एक अशांत मन वाला व्यक्ति शांति की खोज में राजनीतिज्ञ, वैज्ञानिक, दुकानदार एवं साधु के पास जाता है, किंतु कहीं भी उसे स्थायी शांति प्राप्त नहीं होती। अंततः उसे यह बोध होता है कि परमात्मा का सत्य परिचय और स्थायी शांति का मार्ग ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा प्रदत्त परमात्मा के ज्ञान एवं राजयोग साधना से ही संभव है। नाटिका के अंत में यह संदेश दिया गया कि राजयोग के माध्यम से ही विश्व में पुनः शांति की स्थापना संभव है तथा सतयुग का आगमन निकट है।
इसके पश्चात अमीन गांव में भी शिवरात्रि के आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहन एवं लता बहन के साथ डॉ आर डी शर्मा उपस्थित रहे। ग्रामवासियों ने शिव और शंकर के अंतर को समझते हुए शिवरात्रि के पावन पर्व का आध्यात्मिक रहस्य जाना और कार्यक्रम की सराहना की।
ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति धाम सेवा केंद्र द्वारा यह आध्यात्मिक सेवा अभियान आगामी 15 फरवरी तक नियमित रूप से विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाता रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
plz call me jitendra patel