सशक्त महिला ही सबल समाज की आधारशिला : प्रो. प्रीति जैन

कुवि में ‘सशक्त महिलाः सबल समाज’ विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित।
थानेसर, (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी) 10 मार्च : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में महिला अध्ययन शोध केंद्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सशक्त महिलाः सबल समाज” विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डीन फैकल्टी ऑफ लॉ प्रोफेसर प्रीति जैन ने कहा कि आज महिलाएं जिस मुकाम तक पहुंची हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्हें लंबे संघर्ष से गुजरना पड़ा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उस संघर्ष और उपलब्धियों को सेलिब्रेट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं में दृढ़ता और कर्तव्यपरायणता हो तो पूरा विश्व उनके सामने झुक जाता है। महिलाओं को अपना सोचने का दायरा बढ़ाते हुए स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि संकल्पित फाउंडेशन की संस्थापिका एवं समाजसेवी श्रीमती गायत्री कौशल ने कहा कि हौसला और जुनून सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी लैंगिक भेदभाव मौजूद है और महिलाओं की पारंपरिक भूमिकाएं कई बार उनकी प्रगति में बाधा बनती हैं। इसलिए ऐसे परिवारों का निर्माण जरूरी है, जहां पुरुषों की बराबर की सहभागिता हो।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व छात्रसंघ के सदस्य डॉ. कंवल गर्ग ने कहा कि महिलाएं परिवार की खुशियों और बच्चों के भविष्य की आधारशिला होती हैं। यदि वे संगठित होकर बड़े स्तर पर कार्य करें तो समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। डॉ. सलोनी पी. दीवान ने कहा कि समय के साथ समाज की सोच में परिवर्तन आ रहा है और पुरुष भी आगे बढ़कर महिलाओं को सशक्त बनाने में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर प्रकार के डर को त्यागकर बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान महिला अध्ययन शोध केंद्र की डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर विनीता ढींगरा ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. वंदना दवे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पूर्व छात्रसंघ के सहयोग से वर्ष 2022 से छह गांवों में महिलाओं के लिए सिलाई व कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र तथा दो गांवों में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अब तक इन केंद्रों में 2000 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। साथ ही महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे उपस्थित अतिथियों ने सराहा।
महिला विकास निगम से श्रीमती मीना रानी ने महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं अपना स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. वंदना दवे ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आईटीटीआर की प्रिंसिपल तथा केंद्र की पूर्व निदेशिका प्रोफेसर अनीता दुआ भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में लगभग 100 महिलाओं ने भाग लिया।



