विकसित भारत के लिए स्वदेशी एकमात्र विकल्प : लेफ़्टिनेंट अजय जांगड़ा

कुरुक्षेत्र (अमित) 20 जनवरी : देश प्रेम को बढ़ावा देने व शहीदों की याद में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा देश भर में 12 जनवरी राष्ट्रीय युवा दिवस से लेकर 23 जनवरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के मध्य स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विद्या भारती कन्या विद्यालय अमीन रोड में स्वदेशी संकल्प दौड़ आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल की प्राचार्य सुमन बाला जी ने की उन्होंने कहा राष्ट्र को शक्तिशाली बनाने के लिए स्वदेशी ही एकमात्र विकल्प है। इसके लिए हम सबको मिलकर जन जन तक स्वदेशी अपनाने का संदेश देना होगा। जिस तरीक़े से स्वदेशी जागरण मंच स्वदेशी संकल्प का संदेश लेकर नागरिकों को जागृत कर रहा है समय आने पर इसका सार्थक परिणाम मिलेगा और विकसित भारत का निर्माण होगा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय जांगड़ा ने उपस्थित शिक्षकों व छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत देश स्वदेशी अपना कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। इसका मुख्य कारण देशवासियों का स्वदेशी का अपनाना है। हमारी सैन्य शक्ति के बलबूते पर हमने ऑपरेशंस सिंदूर को क़ामयाब बनाया है और दुश्मन को कड़ा सबक सिखाया। विदेशी ताकतों द्वारा भारत पर मनमाने तरीके से टैरिफ थोप कर हमें आर्थिक रूप से कमजोर करने की साजिशे की जा रही है। आर्थिक लड़ाई में मिलिट्री नहीं भारत की जनता ही स्वदेशी के हथियार से भारतीय सैनिक बन कर लड़ेंगे। आर्थिक युद्ध में ऑपरेशन 2.0 को क़ामयाब करने के लिए घर घर स्वदेशी अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से आह्वान कर भारतीय जनता को स्वदेशी अपनाने का आग्रह किया था इसी दिशा में 21 अगस्त के उद्यमिता दिवस केअवसर पर हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने हिसार में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से हरियाणा को स्वदेशी अपनाने का आग्रह किया था अब हम सब भारतीयों का दायित्व बनता है कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए और भारत को आर्थिक युद्ध में सुरक्षित बनाने के लिए स्वदेशी ही अपनाना होगा स्वदेशी ही एक मात्र विकल्प है।
स्वदेशी जागरण मंच के जिला प्रचार प्रमुख श्री हरिकेश पपोसा ने स्वदेशी संकल्प दौड़ का संचालन किया और स्वदेशी नारों के साथ स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया है। इस अवसर पर छात्राओं ने अभिभावकों के साथ मिलकर स्वदेशी के प्रचार प्रसार का संकल्प भी लिया गया।




