वि. वि. द्वारा गोद लिए हुए गांवो को आदर्श गांव के रूप में विकसित करना मुख्य उद्देश्य- कुलपति

सुहेलदेव वि.वि. एवं मदर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में कंबल वितरण का आयोजन ,
वि. वि. द्वारा गोद लिए हुए गांवो को आदर्श गांव के रूप में विकसित करना मुख्य उद्देश्य- कुलपति

आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में स्थित बृहद हाल में विश्वविद्यालय एवं मदर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में गोद लिए ग्राम सभाओं के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्तियों को कंबल वितरण का वृहद आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.संजीव कुमार एवं मदद फाउंडेशन के संस्थापक कार्तिकेय सिंह ने लगभग 500 से अधिक लोगों को कंबल वितरित किए।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने अवगत कराया कि आज विश्वविद्यालय परिसर में गोद लिए ग्रामवासियों के उपस्थित के बीच कंबल वितरण का आयोजन किया गया, गोद लिए गए पाँच ग्रामसभाओं—सीही, सोनापुर, धरवारा, समेदा एवं महरुपुर एवं अगल-बगल के कुछ जरूरतमंद लोगों को भी कंबल देकर उनका सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के मुखिया प्रो. संजीव कुमार ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य शीत ऋतु के दौरान जरूरतमंद ग्रामीणों को राहत प्रदान करना, विश्वविद्यालय एवं समाज के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना तथा ग्राम विकास की दिशा में विश्वविद्यालय की सक्रिय भूमिका को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, सहायक कुलसचिव डॉ. महेश श्रीवास्तव तथा मदद फाउंडेशन के संस्थापक श्री कार्तिकेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन डॉ. परमानन्द पाण्डेय एवं डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अन्य उपस्थित सम्मानित सदस्यों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इसके ततपश्चात कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी उसका मूल दायित्व है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्रामों में इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण विकास, सामाजिक समरसता एवं मानव सेवा की भावना को सशक्त करते हैं। शीत ऋतु में कंबल वितरण जैसे कार्यक्रम जरूरतमंदों के जीवन में राहत एवं आत्मसम्मान का संचार करते हैं।
कुलपति ने मदद फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और सामाजिक संगठनों के सहयोग से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाई जा सकती है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के कौशल विकास से संबंधित अनेक कार्यक्रम इन ग्रामों में संचालित किए जाएंगे।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की यह पहल “ग्राम-विश्वविद्यालय सहभागिता” का एक सशक्त उदाहरण है।सहायक कुलसचिव डॉ. महेश श्रीवास्तव ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करना प्रत्येक शिक्षण संस्था का नैतिक कर्तव्य है।
मदद फाउंडेशन के संस्थापक श्री कार्तिकेय सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मदद फाउंडेशन सदैव समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ मिलकर कार्य करना फाउंडेशन के लिए गर्व की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग भविष्य में और अधिक व्यापक स्वरूप लेगा तथा ग्रामीण समाज के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।
कार्यक्रम के दौरान पाँचों ग्रामसभाओं के जरूरतमंद ग्रामीणों को कंबल वितरित किए गए। कंबल प्राप्त कर ग्रामीणों के चेहरों पर प्रसन्नता एवं संतोष स्पष्ट रूप से देखा गया। ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं मदद फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शीत ऋतु में उनके लिए बड़ी राहत सिद्ध होते हैं। ग्रामवासियों ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें गोद लिया जाना उनके लिए सम्मान एवं विश्वास का विषय है।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. परमानन्द पाण्डेय एवं डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य एवं गतिविधियों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य ग्रामीण समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता से जोड़ना है। उन्होंने सभी अतिथियों, ग्रामवासियों एवं सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में इन ग्रामों को “आदर्श ग्राम” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करेगा।
कार्यक्रम में अन्य जिन लोगों की गरिमामय उपस्थिति रही उसमें परीक्षा नियंत्रक आनंद कुमार कुलपति जी के निजी सहायक भूपेंद्र पांडे एवं भाई एक्टिंग सहायक विपिन शर्मा के आदि उपस्थित थे कार्यक्रम का संयोजन डॉ. परमानंद पांडे एवं डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ मो.नं. 9452 44 5878

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