वि.वि. की महिलाएं एवं बेटियां राष्ट्र एवं समाज निर्माण हेतु आगे आए- कुलपति

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सुविवि में रंगोली एवं पोस्टर की कार्यशाला
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के प्रशासनिक भवन में स्थित सभागार में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के बैनर तले किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी एवं शिक्षाविद हिना देसाई जी थी। कुलपति जी ने मुख्य अतिथि महोदया को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्रम, एवं विश्वविद्यालय का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि आज पूरा परिसर मानो बेटियों के नाम था, रंग-बिरंगे परिधान में बेटियां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पहले से निर्धारित की गई थीम के पोस्टर और रंगोली के माध्यम से विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार व मुख्य अतिथि के रूप में पधारी हिना देसाई जी का न सिर्फ ध्यान आकर्षित किया अपितु कलात्मक क्षमता का भी एहसास कराया।
मुख्य अतिथि श्रीमती हीना देसाई जी ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएँ प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर रही हैं और समाज को उन्हें उचित सम्मान देना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के भीतर हर परिस्थिति से संघर्ष कर आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता होती है। आज बेटियां एवं महिलाएं राफेल भी उड़ा रही हैं तो जरूरत पड़ने पर मां के ममत्व का जबरदस्त प्रदर्शन भी कर रही है। समाज में भी सकारात्मक बदलाव आया है अब बेटियां घर की बोझ नहीं अपितु घर का श्रृंगार है। पिता अपने बेटी पर नाज करता है ।हाल ही में अभी सिविल सर्विस का परिणाम आया है बेटियों ने राष्ट्रीय फलक के साथ-साथ जनपद में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। जनपद का नाम प्रदेश और राष्ट्र के स्तर पर भी रोशन कर रही है। रंगोली के अवलोकनोपरांत उन्होंने बेटियों को खूब सराहा तथा और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति के कुशल नेतृत्व एवं बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को उन्होंने सराहा । विश्वविद्यालय की प्राध्यापिकाओं के प्रति मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राष्ट्र निर्माण में हम सभी अपनी महती भूमिका अदा करें, और समाज में यह संदेश पहुंचाने का प्रयास करें कि भारत की बेटी अबला नहीं अब सबला हो चुकी है। मुख्य अतिथि महोदया के विचार छात्राओं एवं उपस्थित महिलाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार जी ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय की बेटियां पठन-पाठन में तो अव्वल है ही, खेलकूद, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर न सिर्फ विश्वविद्यालय का, अपितु पूर्वांचल की धरा का भी नाम रोशन कर रही है। प्रदेश स्तर की कई प्रतियोगिताएं जो राजभवन के निर्देश के क्रम में आयोजित की जाती है उस प्रतियोगिताओं में प्रथम व द्वितीय स्थान पर विश्वविद्यालय की छात्राएं रही। अगर हम यह कहें कि हमारे विश्वविद्यालय की बेटियां बेटों के लिए पथ प्रदर्शक हैं तो कोई अतियुक्त न होगी। विश्वविद्यालय के छात्र एवं छात्राएं कई प्रेरणादायी कार्य करके विश्वविद्यालय परिवार को सुखानुभूति का एहसास कराती है। जहां तक रंगोली का प्रश्न है यह थीम आधारित पोस्टर प्रतियोगिता का अभी हाल ही में विज्ञान मंथन के अवसर पर अतिथियों ने उनकी यहां के छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को खूब सराहा। बेटियां पठन-पाठन के साथ-साथ प्रत्येक क्षेत्र में परिश्रम करें हम उन्हें उचित मंच प्रदान करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार की बेटियां, महिलाओं के साथ-साथ पूर्वांचल एवं प्रदेश की सभी बहन-बेटियों को ढेर सारी बधाई।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार, वित्त अधिकारी श्री जगत नारायण झा, परीक्षा नियंत्रक आनंद कुमार, सहायक कुलसचिव डॉ. महेश श्रीवास्तव डॉ. देवेंद्र पांडे डॉ. मनीषा, डॉ. शशी शुक्ला आदि के साथ-साथ परिसर के प्राध्यापकगण गैर शैक्षणिक कर्मचारी एवं भारी संख्या में छात्राओं एवं कुलपति जी के सहायक भूपेंद्र पांडे विपिन शर्मा की उपस्थिति रही।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव वि. वि. आजमगढ़ मो. नं. 94 5244 5878




