यज्ञ सम्राट प्रखर महाराज जी का भव्य अभिनंदन किया गयापुष्कर राजस्थान में 200 कुंडीय यज्ञ में आने का दिया निमंत्रणब्राह्मण रचनात्मक शक्ति का अनोखा वरदान है – प्रखर जी महाराज

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में महापौर डाॅ उमेश गौतम के सिटी आफिस, सिविल लाइंस पर यज्ञ सम्राट प्रखर जी महाराज का भव्य अभिनंदन और स्वागत किया गया। महापौर डाॅ उमेश गौतम, राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रदेव त्रिवेदी , राष्ट्रीय प्रवक्ता अजयराज शर्मा, संगठन मंत्री अशोक उपाध्याय, मंडल अध्यक्ष अरुण शुक्ला, मंडल महामंत्री विशाल शर्मा ने प्रखर जी महाराज और पूर्णानंद जी महाराज का उत्तरीय, पगड़ी, मोतियों की माला भगवान् गणेश और शिव -पार्वती की प्रतिमा देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का प्रारंभ कथावाचक आचार्य रमाकांत दीक्षित द्वारा स्वस्ति और वेदमंत्रों के वाचन से हुआ। उपस्थित सभी का स्वागत भाषण राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रदेव त्रिवेदी ने देते हुए कहा कि आज बदलते परिवेश में ब्राह्मण ही भारतीय संस्कृति की रक्षा करने में सक्षम है।
अपने उदबोधन में आचार्य प्रखर जी महाराज ने संबोधित करते हुए सभी को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि ब्राह्मण ही अपनी क्षमता, बुद्धि और शिक्षा की शक्ति के आधार पर संपूर्ण मानवता की रक्षा करने में सक्षम है। हमारे प्राचीन महापुरुष के साथ आज के ब्राह्मण भी सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक और इतिहास रचने में पूर्ण समर्थ हैं, बस ब्राह्मण तपोबल की अपनी शक्ति को जीवंत रखें। हमें आज छोटे पूर्वाग्रहों को त्यागना होगा। ब्राह्मण ने अतीत से लेकर महान कष्ट सहे, लेकिन ब्राह्मण ने फिर भी सभी के कल्याण की कामना की है।प्रखर महाराज जी ने सभी को निमंत्रण दिया कि 8 मार्च से 10 अप्रैल तक पुष्कर, राजस्थान में गायत्री पुनश्चरण महायज्ञ, शक्ति पीठ मणिवेदिका पर होगा, जिसमें 10 लाख ब्राह्मण बंधु एकत्रित होंगे और मानवता की रक्षा के लिए प्रण लेंगे। प्रखर जी महाराज ने लोगों का आहवान किया कि बरेली से भी बड़ी संख्या में लोगों को पहुंचना चाहिए ताकि हम ब्राह्मण संस्कृति का नया रूप देख सकें। पुष्कर जी में ब्रम्हा जी के मंदिर के दर्शन कर स्वयं को और अपने परिवार को धन्य करें।
कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता अजयराज शर्मा ने किया और सभी का आभार कार्यक्रम संयोजक मंडल अध्यक्ष अरुण शुक्ला ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विप्र बंधु उपस्थित रहे। इनमें आनंद ब्रह्म चारी महाराज, आचार्य डाॅ. सप्तर्षिमिश्र, आचार्य रोहित शर्मा, आचार्य अंकित अवस्थी, हरिओम शर्मा, आचार्य संजीव गौड़, आचार्य रमाकांत दीक्षित अशोक उपाध्याय, अजयराज शर्मा, अनुज पांडे, लवलेश पाठक, संजीव कुमार अवस्थी, रामकृष्ण शुक्ला, देवेंद्र शर्मा, विशाल शर्मा, डाॅ मनोज मिश्रा, सचिन शर्मा, प्रखर पाठक, भानु भारद्वाज विवेक मिश्रा, डॉ रवि प्रकाश शर्मा, प्रवीन शर्मा, धनन्जय शर्मा, अंजलि शर्मा, वंदना पांडे, शशि गौतम, कृष्णा भारद्वाज, प्रवीण शर्मा, सत्येंद्र पांडे, अभिषेक शर्मा, शिवनाथ चौबे, विष्णु भारद्वाज, सुनील दत्त शर्मा, विनोदकुमार शर्मा, प्रमोद मिश्रा, मेधावृत शास्त्री, जितेंद्र मिश्रा, राकेश शर्मा, देशदीपक शर्मा, दीपक द्विवेदी, रतन शंकर शर्मा आदि प्रमुख रहे।



