उत्तराखंड: कपाट खुलने से पहले मिली सौगात, सुरक्षित व सुनियोजित ज्योतिर्मठ बनाने के लिए 291 करोड़ मंजूर

उत्तराखंड: कपाट खुलने से पहले मिली सौगात, सुरक्षित व सुनियोजित ज्योतिर्मठ बनाने के लिए 291 करोड़ मंजूर,

सागर मलिक

दो जनवरी 2023 को ज्योतिर्मठ के कई घरों-भवनों और अवसंरचनाओं में भू-धंसाव के कारण बड़ी दरारें दिखाई देने लगी थी। ज्योतिर्मठ की 22 प्रतिशत संरचनाएं इससे प्रभावित हुई थीं।

भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्र ने ज्योतिर्मठ को आपदा सुरक्षित करने के लिए 291.15 करोड़ की धनराशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है।

सीएम ने कहा कि ज्योतिर्मठ के सुनियोजित विकास तथा सुरक्षित दीर्घकालिक कार्यों के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। ज्योतिर्मठ की देवतुल्य जनता तथा क्षेत्र के विकास के लिए भविष्य में हर संभव प्रयास किए जाएंगे। कहा कि इस परियोजना से न केवल ज्योतिर्मठ के आपदा प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया जा सकेगा, बल्कि भगवान बदरीविशाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित विश्राम स्थल उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही नरसिंह मंदिर के आस-पास के निवासियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

भू-धंसाव के कारण भवनों में आ गई थीं बड़ी दरारें
दो जनवरी 2023 को ज्योतिर्मठ के कई घरों-भवनों और अवसंरचनाओं में भू-धंसाव के कारण बड़ी दरारें दिखाई देने लगी थी। ज्योतिर्मठ की 22 प्रतिशत संरचनाएं इससे प्रभावित हुई थीं। सीएम धामी व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्र का भ्रमण किया। उनके निर्देश पर एनडीएमए, यूएसडीएमएम, आईआईटी रुड़की, यूएनडीपी, सीबीआरआई, वाडिया इंस्टीट्यूट, एनआईडीएम, और अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञों से युक्त 35 सदस्यीय टीम ने अप्रैल 2023 में पीडीएनए करने के लिए नुकसान और राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों का आकलन किया था। निरीक्षण रिपोर्ट पर उच्च स्तरीय समिति ने शहर और आसपास के क्षेत्र में पुनर्निर्माण कार्य कराए जाने के लिए वित्तीय सहायता को मंजूरी दी।,

मजबूत अवसंरचनाओं का होगा निर्माण
सबसे पहले अस्थिर क्षेत्रों को स्थिर करने और शहर की जलनिकासी और सीवरेज प्रणाली में सुधार करने के लिए परियोजनाओं पर काम होगा। इनसे जमीन की स्थिरता में सुधार होगा। जिससे भवन बनाने के लिए मजबूत भूमि उपलब्ध हो सकेगी। पहले चरण की परियोजनाओं में अलकनंदा नदी के किनारे कार्य ढलान स्थिरीकरण उपाय, जन और स्वच्छता के काम शामिल हैं। इनकी डीपीआर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तैयार कराकर अनुदान की मंजूरी के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजी।

ज्योतिर्मठ के सुनियोजित विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। ज्योतिर्मठ की देवतुल्य जनता को भरोसा दिलाता हूं कि एक सुरक्षित, विकसित, सुनियोजित और सुंदर ज्योतिर्मठ शहर का सपना जल्द साकार होगा।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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