रायबरेली के प्रथम सांसद बैजनाथ कुरील “बाबू” जी पूर्व केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार के 105 वें जन्म दिवस पर उनके अनुयायियों द्वारा फल ,मिष्ठान वितरण कर मनाया

रायबरेली
रिपोर्टर विपिन राजपूत
रायबरेली के प्रथम सांसद बैजनाथ कुरील “बाबू” जी पूर्व केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार के 105 वें जन्म दिवस पर उनके अनुयायियों द्वारा फल ,मिष्ठान वितरण कर मनाया गया सामाजिक एकता कार्यक्रम।
संत शिरोमणि गुरु रविदास मन्दिर/रैदास आश्रम सामुदायिक केन्द्र रायबरेली के संयोजन में स्वo बैजनाथ कुरील एंव राम दुलारे स्मृति सेवा संस्थान रायबरेली एंव विश्व दलित परिषद,उo प्रo रायबरेली के संयुक्त तत्वाधान में जनपद के ब्लाक खीरों ग्राम लल्ला खेड़ा के निवासी अनुसूचित जाति रैदास समाज में जन्मे, गरीब वंचित शोषितों के मसीहा संसदीय क्षेत्र रायबरेली(sc) के प्रथम सांसद बैजनाथ कुरील “बाबू” जी पूर्व केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार के 105 वें जन्म दिवस उनके अनुयायियों द्वारा सुपर मार्केट पुलिस चौकी स्थित प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर राहगीरों को फल,मिष्ठान वितरण कर सामाजिक वैचारिक संगोष्ठी कर सामाजिक एकता के रूप में मनाया। संगोष्ठी के अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट राम सेवक चौधरी एंव संचालन बहुजन नेता राजेश कुरील ने किया। कार्यक्रम में सर्वजन हिताय फाउंडेशन के अध्यक्ष सत्येश गौतम ने आए हुये लोगों का आभार एंव अभिनन्दन किया।
मुख्य अतिथि पूर्व आई इ एस कर्नल कमलेश चंद्रा जी ने कहा की मेरे पिता जी नायब तहसील दार के पद से इस्तीफा देकर बाबा साहब डॉ0 अम्बेडकर के साथ काम करके उनके विचारों को आगे बढ़ते हुए रायबरेली के प्रथम सांसद होते हुए 1952 से 25 वर्षों तक संसद में गरीब वंचित, दलित, भूमिहीनों के रहनुमाई करते हुए भारतीय संविधान में उनके हक,अधिकारों और जनकल्याण के लिए सामाजिक संवैधानिक दर्जा दिलाने का काम किया और और सर्व समाज में अपने सौम्य सुशील व्यवहार से विकास पुरुष कहलाए।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में विशेष सचिव नरेन्द्र कुमार, शैलेन्द्र कुमार इंजी.एस के आर्या, चन्द्र शेखर बौद्ध, विमल किशोर सबरा, मास्टर राम भरोसे, राम संजीवन धीमान, समुझ लाल धीमान, सुषमा, सुमन, रेखा चंद्रा, श्रेयांश चन्द्रा एडवोकेट, छोटे लाल गौतम, सूबेदार हरि प्रसाद शास्त्री, राजीव गौतम, इननरु राम, राजेन्द्र बौद्ध, प्रयागे लाल, माईदीन, संदीप गौतम, शिव शंकर वाल्मीकि,आदि सैकड़ों बहुजन समाज के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर बाबू जी के विचारों को जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।




