मैकाऊ में भारतीय कराटे खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, 6 पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया

कुरुक्षेत्र (अमित ) : मैकाऊ में 26 से 28 दिसंबर 2025 तक आयोजित एएसएडी एलीट कराटे लीग में भारतीय कराटे खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। भारतीय टीम ने इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो रजत और चार कांस्य पदक जीतकर कुल छह पदक अपने नाम किए। पदक तालिका में भारत ने पांचवां स्थान हासिल किया। इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने हार्डकोर स्पोर्ट्स वेलफेयर फाउंडेशन (एचएसडब्ल्यूएफ) के बैनर तले भाग लिया। भारत का प्रतिनिधित्व एचएसडब्ल्यूएफ के अध्यक्ष द्वारा किया गया, जबकि योगेश शर्मा ने भारतीय टीम के कोच के रूप में अहम भूमिका निभाई। भारतीय खिलाड़ियों में
नवप्रीत कौर और गर्नीत कौर ने रजत पदक, जबकि पार्थ जगलान, प्रिक्षित जगलान, इशप्रीत कौर और परनीत कौर ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। एचएसडब्ल्यूएफ देशभर में उभरते खिलाड़ियों को अधिकतम अवसर प्रदान करने और उनकी प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार कार्य कर रहा है। भारतीय खिलाड़ियों की यह उपलब्धि न केवल कराटे खेल के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। कांस्य पदक विजेता पार्थ जागलान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा,अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात है। यह पदक सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे देश, मेरे कोच और उन सभी लोगों का है जिन्होंने कठिन समय में मेरा साथ दिया। आगे मेरा लक्ष्य आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन कर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। वहीं परीक्षित जागलान ने कहा,मैकाऊ जैसी बड़ी प्रतियोगिता में पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। यह सफलता कड़ी मेहनत,अनुशासन और कोच के मार्गदर्शन का परिणाम है। हम आने वाले समय में अपनी कमजोरियों पर और मेहनत करेंगे ताकि भारत को और ऊंचे मुकाम तक पहुंचा सकें।
कोच योगेश शर्मा ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतरीन जज्बा दिखाया है और भविष्य में भारतीय कराटे खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी संभावनाएं हैं।
उल्लेखनीय है कि एचएसडब्ल्यूएफ देशभर में खिलाड़ियों को अधिकतम अवसर देने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार कार्य कर रहा है। मैकाऊ में मिली यह सफलता भारतीय कराटे के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है।




