कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने की राजीब गोयल पुरस्कार की घोषणा

45 वर्ष से कम आयु के चार युवा वैज्ञानिकों का हुआ चयन।

थानेसर, (संजीव कुमारी) 17 फरवरी : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की गोयल अवार्ड कमेटी ने राजीब गोयल पुरस्कार की घोषणा कर दी है। विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं गोयल अवार्ड आयोजन समिति के चेयरमैन प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मंगलवार को 45 वर्ष से कम आयु के चार प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को प्रतिष्ठित राजीब गोयल पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की। इन वैज्ञानिकों ने विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले युवा वैज्ञानिकों में डॉ. गोपीनाथ पैकिरिसामी, इंडियन इंस्ट्टियूट ऑफ टैक्नॉलॉजी, रूड़की (एप्लाइड साइंसेज़), डॉ. देबब्रत मैती, इंडियन इंस्ट्टियूट ऑफ टैक्नॉलॉजी, मुम्बई (केमिकल साइंसेज़), डॉ. (सुश्री) दुर्बा पाल, इंडियन इंस्ट्टियूट ऑफ टैक्नॉलॉजी, रोपड़ (लाइफ साइंसेज़) तथा डॉ. स्मराजित कर्माकर, टाटा इंस्ट्टियूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, हैदराबद (फिजिकल साइंसेज़) शामिल हैं।
इन नामों की घोषणा करते हुए कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा, जो गोयल पुरस्कार आयोजन समिति के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि इन वैज्ञानिकों ने विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए ज्ञान-विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रत्येक राजीव गोयल पुरस्कार में एक पदक, प्रशस्ति-पत्र तथा एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है। विश्वविद्यालय द्वारा गोयल पुरस्कार के लिए चार वरिष्ठ वैज्ञानिकों के नामों की घोषणा पूर्व में की जा चुकी है।
डोनर नामित सदस्य एवं आयोजन समिति के सह-अध्यक्ष प्रो. एस.पी. सिंह ने चयनित वैज्ञानिकों के कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि डॉ. गोपीनाथ पैकिरिसामी ने बायोमेडिकल नैनो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जो लक्षित कैंसर उपचार की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। डॉ. देबब्रत मैती ने ट्रांजिशन मेटल कैटेलिस्ट के माध्यम से नवीन सिंथेटिक पाथवे विकसित किए हैं और उनका शोध विश्व की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ है। डॉ. दुर्बा पाल टाइप-2 डायबिटीज पर केंद्रित एक प्रख्यात रोग जीवविज्ञानी हैं। वहीं, स्वर्ण जयंती फेलो डॉ. स्मराजित कर्माकर ने ग्लास फॉर्मेशन पर विशेष ध्यान देते हुए डिसऑर्डर्ड सिस्टम के गुणों की समझ को समृद्ध किया है।
गोयल पुरस्कार आयोजन समिति की संयोजक प्रो. अनीता भटनागर ने जानकारी दी कि पुरस्कार वितरण समारोह आगामी मार्च या अप्रैल माह में विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी आठों वैज्ञानिक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सम्मान ग्रहण करेंगे।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि यह सम्मान युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने तथा शोध उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
गोयल पुरस्कार आयोजन समिति के सदस्य।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु व गोयल अवार्ड आयोजन समिति के चेयरमैन प्रो. सोमनाथ सचदेवा हैं। सह-अध्यक्ष प्रो. एस.पी. सिंह प्रोफ़ेसर एमेरिटस, उपाध्यक्ष प्रोफेसर हरि सिंह प्रोफ़ेसर एमेरिटस, उपाध्यक्ष प्रोफेसर सुनील ढींगरा, डीन, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय व समिति के सदस्य प्रो. एन.के. माटा, प्रोफ़ेसर एमेरिटस, जियोफिजिक्स विभाग के प्रो. दिनेश कुमार, कैमिस्ट्री विभग के प्रो. संजीव अरोड़ा, फिजिक्स विभाग के प्रो. संजीव अग्रवाल, कैमिस्ट्री विभाग की डॉ. संगीता सैनी हैं। जूलोजी विभाग की प्रो. अनिता भटनागर गोयल पुरस्कार आयोजन समिति की संयोजक हैं।

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