मातृ-शिशु स्वास्थ्य और बाल संरक्षण पर जिला स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित

बाल विवाह, असुरक्षित गर्भपात और भ्रूण हत्या पर रोक के लिए महिलाओं को किया गया जागरूक

स्व-सहायता समूहों की महिलाएं बनेंगी मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता की मजबूत कड़ी

जन जन तक पहुंचेगी स्वास्थ्य और पोषण की सही जानकारी

बलरामपुर, 10 जुलाई 2026/ जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने, बच्चों में गैर संचारी रोगों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय स्व-सहायता समूह संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को समुदाय में जागरूकता के प्रभावी माध्यम के रूप में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया गया तथा स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बच्चों में गैर संचारी रोगों की  पहचान एवं रोकथाम, बाल विवाह पर प्रभावी रोक, कम उम्र में गर्भधारण से मां एवं शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव, किशोरावस्था में गर्भधारण से उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी जोखिम, असुरक्षित गर्भपात की समस्याएं, लिंग चयन जांच निषेध अधिनियम तथा भ्रूण हत्या को दंडनीय अपराध बताते हुए उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तृत परिचर्चा की गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अपने-अपने गांवों में सही जानकारी पहुंचाएं, तो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, कुपोषण को घटाने, बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने तथा किशोरियों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा को बढ़ावा देने में  सफलता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में समुदाय स्तर पर सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने की बात कही गई। उपस्थित महिलाओं से अपील की गई कि वे शासन की स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास संबंधी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यशाला में जनपद पंचायत बलरामपुर अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा,जनपद सदस्य, पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विषयों पर अपने अनुभव साझा किए और समुदाय में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।

बाल विवाह मुक्त और स्वस्थ गांवों के निर्माण में पंचायत प्रतिनिधि भी निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिकागांवों को स्वस्थ, जागरूक और बाल-अनुकूल बनाने की दिशा में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग, बलरामपुर द्वारा यूनिसेफ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से पंचायत प्रतिनिधियों के लिए विशेष उन्मुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह की रोकथाम, किशोर स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार के प्रति समुदाय को जागरूक करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से लगभग 94 पंचायत प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक दुष्परिणाम, किशोरावस्था में गर्भधारण से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम, स्कूल ड्रॉपआउट की समस्या, एनीमिया नियंत्रण, संतुलित पोषण, गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसवपूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
बच्चों में बढ़ रहे गैर-संचारी रोगों, विशेष रूप से सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह एवं जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान, जांच, उपचार एवं रेफरल व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों को बाल मधुमेह के प्रमुख लक्षणकृअत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, लगातार थकान महसूस होना तथा अचानक वजन कम होने जानकारी देते हुए ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि पंचायत प्रतिनिधि ग्राम सभा, पंचायत बैठकों एवं जनसंपर्क के माध्यम से बाल विवाह रोकने, किशोरियों की शिक्षा और पोषण को बढ़ावा देने, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा बच्चों में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों पर  अंकुश लगाया जा सकता है।
इस दौरान सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने ग्राम पंचायतों में बाल विवाह मुक्त समाज, स्वस्थ मातृ-शिशु, सशक्त किशोर-किशोरियां तथा बच्चों में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने एवं समुदाय को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया।

VVNEWS वैशवारा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जल जीवन मिशन ने 356 परिवारों के जीवन में लाई खुशहाली, अब घर-घर पहुंच रहा शुद्ध पेयजल

Fri Jul 10 , 2026
महासमुंद 10 जुलाई 2026/ कभी पेयजल के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर रहने वाला विकासखंड पिथौरा के ग्राम पंचायत ठाकुर दिया खुर्द में जल जीवन मिशन की बदौलत स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीणजनों की दैनिक दिनचर्या आसान हुआ है। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी, ग्राम पंचायत […]

You May Like

Breaking News

advertisement