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‘सज्जन शक्ति की समाज परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका’

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में प्रमुख नागरिक गोष्ठी आयोजित।

पलवल, (वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक) 8 जनवरी : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को ‘सज्जन शक्ति की समाज परिवर्तन में भूमिका’ विषय पर एक दिवसीय प्रमुख नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघ चालक पवन जिंदल और पंचनद शोध संस्थान के उपाध्यक्ष ऋषि गोयल वक्ता के रूप में सम्मिलित हुए, जबकि एमकेएम कन्या महाविद्यालय समूह की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. उत्तमा सिंह ने गोष्ठी की अध्यक्षता की। प्रमुख नागरिक गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में इस गोष्ठी का शुभारम्भ राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम के साथ हुआ।
पुष्पगिरि भवन में आयोजित गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए क्षेत्र संघ चालक पवन जिंदल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राष्ट्रीय चेतना को न केवल जागृत किया है, बल्कि उसे समृद्ध भी बनाया है। समाज को एक दृष्टिकोण भी दिया। उन्होंने कहा कि हमें इतिहास ठीक से नहीं पढ़ाया गया। सिकंदर महान नहीं था बल्कि वीर शिवा जी महान थे जिन्होंने 270 से अधिक युद्ध लड़े और किसी में भी नहीं हारे। क्षेत्र संघ चालक पवन जिंदल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्ष की विकास यात्रा का भी क्रमवार उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि भारत हर दृष्टि से महान राष्ट्र है।
पंचनद शोध संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. ऋषि गोयल ने कहा कि सज्जन शक्ति समाज की वह चेतन पूँजी है, जो मूल्य, विचार और व्यवहार के स्तर पर परिवर्तन लाती है। इतिहास साक्षी है कि स्थायी सामाजिक परिवर्तन सदैव विचारशील और सदाचारी वर्ग के नेतृत्व में ही हुए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस सज्जन शक्ति को संगठित कर समाज परिवर्तन का एक मौलिक मॉडल प्रस्तुत किया है। संघ के पाँच परिवर्तन, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी जीवन दृष्टि, भारतीय समाज की आवश्यकताओं से जुड़े हुए हैं। डॉ. ऋषि गोयल ने कहा कि ये परिवर्तन व्यक्ति को आत्मकेंद्रित बोध से निकालकर समाज केंद्रित बनाते हैं। संघ के पांच परिवर्तन की अवधारणा विचार को व्यवहार में बदलती है। सज्जन शक्ति जब अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण होती है, तब वह नीति, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना सभी क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डालती है। डॉ. ऋषि गोयल ने कहा कि आज आवश्यकता है कि समाज का बौद्धिक वर्ग संघ के इन परिवर्तनों को समझे और उन्हें अपने जीवन में उतारकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए एमकेएम कन्या महाविद्यालय समूह की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. उत्तमा सिंह ने कहा कि राष्ट्र उत्थान के लिए समाज परिवर्तन आवश्यक है। सज्जन शक्ति को एकीकृत किए बिना यह सम्भव नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच परिवर्तन समाज परिवर्तन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। डॉ. उत्तमा सिंह ने कहा कि समाज के प्रति दायित्व निभा कर हम राष्ट्र के प्रति आदर्श नागरिक के कर्तव्य का निर्वहन कर सकते हैं।
समापन सत्र में गोष्ठी में उपस्थित प्रमुख नागरिकों ने जिज्ञासा समाधान के निमित्त प्रश्न किए और वक्ताओं ने उनका निदान किया। राष्ट्रगान के साथ गोष्ठी का समापन हुआ। इस अवसर पर वीरभान जी, विमल जी, प्रोफेसर सुनील गर्ग, सत्येंद्र सौरोत, के.पी सिंह जी, प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, प्रोफेसर कुलवंत सिंह, प्रोफेसर डीवी पाठक, प्रोफेसर पवन मलिक, प्रोफेसर सुरेश कुमार, डॉ. सुचित्रा वशिष्ठ, उप कुलसचिव डॉ. ललित शर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार, ओएसडी संजीव तायल, डॉ. सविता शर्मा, डॉ. संजय राठौड़, डॉ. प्रीति, डॉ. विकास बालियान, डॉ. शिव कुमार, डॉ. हरीश कुमार उपस्थित थे।
गोष्ठी को संबोधित करते क्षेत्र संघ चालक पवन जिंदल जी।

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