Uncategorized

भारत को केवल विकसित नहीं महान बनाना है : जतिन कुमार

कुरुक्षेत्र (प्रमोद कौशिक) 11 जनवरी : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के सभागार में सैकड़ो की संख्या में उपस्थित प्रमुख नागरिकों की एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। आज की गोष्ठी में कुरुक्षेत्र जिले के प्रमुख संस्थाओं के प्रतिनिधि, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रमुख लोग आदि उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जतिन कुमार, उत्तर भारत प्रचारक ने अपने उद्बोधन में सबको संबोधित करते हुए संघ के 100 वर्षों की यात्रा के संदर्भ में संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगवार एक जन्मजात देशभक्त थे। उस समय देश पर अंग्रेजों का शासन था लेकिन बालक केशव भी अन्य क्रांतिकारियों की तरह अंग्रेजों को भारत देश से भागना चाहता था। उन्होंने विद्यालय में अंग्रेजी अधिकारी के निरीक्षण पर वंदे मातरम के उद्घोष से उनका स्वागत किया।
एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए क्रांतिकारियों के गढ़ बंगाल में गए और कांग्रेस के अनुशीलन समिति के सक्रिय सदस्य रहे। हेडगवार जी नागपुर अधिवेशन के मुख्य प्रबंधक थे तथा अपने साथ कई युवा स्वयं सेवकों को जोड़ा। उन्होंने देश को आजाद करने के लिए विभिन्न आंदोलनों में भाग लिया तथा दो बार जेल भी गए। हिंदू समाज को संगठित एवं जागृत करने के लिए भारत को अंग्रेजों से मुक्त करवाने तथा पुनः पराधीन ना हो इसके लिए सन 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की।
100 वर्षों की यात्रा में संघ के कार्यकर्ताओं ने समाज के प्रत्येक क्षेत्र में राष्ट्रीय विचारों के संगठन शुरू किये, जैसे विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ और सेवा भारती इत्यादि। वर्तमान में संघ की 84000 से अधिक दैनिक शाखाएं चल रही हैं और 32000 से अधिक दैनिक मिलन मंडली इत्यादि पूरे भारत देश में चल रही है। संघ के स्वयंसेवक देश में किसी भी आपातकाल में सबसे आगे बढ़कर सेवा के लिए सदैव तैयार रहते हैं, चाहे 1948 हो या 1965 का युद्ध हो। चाहे देश में कहीं भी भूकंप, बाढ़ तूफान, बादल फटना, प्लेन दुर्घटना इत्यादि इन सभी आपदाओं में स्वयंसेवक मिलकर देश-प्रथम के भाव से आगे बढ़कर सेवा करता है।
इस विचार गोष्ठी के सहवक्ता के रूप में श्रीमान सतीश चावला, सेवानिवृत्त महाप्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक तथा स्वदेशी जागरण मंच की अखिल भारतीय टोली सदस्य ने उपस्थित प्रमुख नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि- आज भारत की स्थिति बहुत अच्छी है। भारत सबसे तेजी से बढ़ाने वाली अर्थव्यवस्था है, भारत की जीडीपी इस समय 8.2 प्रतिशत है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। सिंदूर ऑपरेशन के बाद भारत की सैनिक शक्ति पूरे विश्व ने देखी है। भारत का इसरो विश्व भर में विभिन्न देशों के सैटेलाइट छोड़ने वाला प्रसिद्ध स्थान है। अमेरिका के भी सैकड़ो सैटेलाइट भारत के इसरो द्वारा ही छोड़े गए हैं। भारत 2047 तक विकसित भारत बन जाएगा। लेकिन केवल आर्थिक उन्नति करना ही भारत के लिए प्राप्त नहीं है समाज के प्रत्येक क्षेत्र में उत्थान जरूरी है जिसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सभी प्रमुख नागरिकों से अपने जीवन में पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में परिवर्तन का आह्वान किया है। चावला जी ने संघ के पंच परिवर्तन बिंदु , कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्य के बारे में विस्तार से बताया। इन सबके के लिए किसी बड़े उपकरण, संस्थान या संसाधनों की आवश्यकता नहीं है, केवल आप लोगों के आत्मविश्वास और संकल्प की आवश्यकता है। आप अपने घर, संस्थान या संस्था में अपने आचरण और व्यवहार से सभी को एक साथ लेकर इसे आगे बढ़ाकर देश को स्वावलंबी और समृद्ध बना सकते हैं।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजडम वर्ल्ड शिक्षण संस्थान के संचालक श्री विनोद रावल जी ने संघ को विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बताया। उन्होंने कहा कि मैं संघ का सीधा-सीधा औपचारिक सदस्य तो नहीं हूं लेकिन मेरे पिताजी संघ के कार्यकर्ता रहे हैं। विभाजन के समय इनके पिता जी अपने परिवार को सहकुशल दिल्ली छोड़कर वापस पाकिस्तान गए और वहां मुसलमान बनकर हिंदू भाइयों के मृत शरीर का दाह संस्कार किया और काफी समय तक वहीं रहकर हिंदुओं की सहायता का कार्य करते रहे। इस प्रकार संघ के स्वयंसेवक समाज में रहकर निस्वार्थ भाव से सदैव सेवा का कार्य कर रहे हैं। अंत में जतिन जी ने कहा कि केवल संघ के करने या केवल संघ से इस देश को महान बनाने का कार्य पूर्ण नहीं हो सकता, आप सभी प्रमुख नागरिकों को सक्रिय रहकर राष्ट्रहित में अपना तन मन धन से सहयोग द्वारा देश को विकसित और महान बनाने में अपना योगदान देना चाहिए। भारत को सोने की चिड़िया नही अपितु सोने का शेर बनाना है जिसकी शक्ति और महानता के आगे विश्व नतमस्तक हो। अंत मे माननीय जिला संघचालक श्रीमान रंजीत सिंह जी ने सभी का धन्यवाद किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
plz call me jitendra patel