मोक्ष तीर्थ आपगा में गूंजे वैदिक मंत्र-केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल के नेतृत्व में जीर्णोद्धार का लिया पावन संकल्प

कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 19 जनवरी : माघ मास की अमावस्या के पावन अवसर पर प्राचीन मोक्ष तीर्थ आपगा के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के उद्देश्य से एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान एवं समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा श्रद्धालुओं के सहयोग से दयालपुर एवं मिर्जापुर के मध्य स्थित तीर्थ परिसर में सम्पन्न हुआ।
मौनी अमावस्या के शुभ अवसर पर रविवार को प्रातः 11 बजे आपगा तीर्थ के पावन तट पर पूर्ण विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। हवन-यज्ञ के उपरांत सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा आपगा तीर्थ की परिक्रमा की गई। कार्यक्रम के उपरांत श्रद्धालुओं की सेवा-भावना से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामवासियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों ने समान भाव से प्रसाद ग्रहण किया।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि कुरुक्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत एवं सनातन परंपराओं को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल भी है। उन्होंने कहा कि आपगा तीर्थ कुरुक्षेत्र भूमि के प्रमुख मोक्ष तीर्थों में से एक है तथा यह श्रद्धालुओं की गहन आस्था का केंद्र रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहाँ स्नान, पूजा एवं तप-आराधना का विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है। ‘आपगा’ को अत्यंत पुण्यदायिनी नदियों में श्रेष्ठ माना गया है। इसी पवित्र उद्देश्य के अंतर्गत कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा इस तीर्थ के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण हेतु यह धार्मिक अनुष्ठान एवं समारोह आयोजित किया गया है।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य अशोक रोशा, डॉ. अलकेश मोदगिल, राजेश शांडिल्य, रोशन बेदी, बोर्ड के पूर्व सदस्य एवं समाजसेवी कृष्णचंद रंगा, केडीबी के एसडीओ भूपिन्द्र सिंह वालिया, श्रीकृष्ण संग्रहालय के प्रभारी बलवान सिंह, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डॉ. कुलदीप आर्य, दयालपुर ग्राम पंचायत के सरपंच सुरेश पांचाल, पंच रमेश, अजमेर सिंह, जोगेन्द्र, सोनू सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दरभंगा राजघराने की अंतिम महारानी को दी गई श्रद्धांजलि।
धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत दरभंगा राजघराने की अंतिम महारानी 96 वर्षीय दिवंगत कामसुंदरी राजमाता कल्याणी देवी को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल सहित उपस्थित सदस्यों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उल्लेखनीय है कि उनका स्वर्गवास गत 12 जनवरी को हुआ था। इस अवसर बोर्ड के सदस्य राजेश शांडिल्य ने कहा कि कुरुक्षेत्र में दरभंगा राजपरिवार द्वारा ऐतिहासिक रूप से तीर्थों पर घाटों के निर्माण, मरम्मत, विस्तार तथा दान-पुण्य के उल्लेख मिलते हैं।




