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हजारों वर्ष पुरानी हरियाणा नस्ल की देशी गाय आज भी बढ़ा रही है प्रदेश की शान

हजारों वर्ष पुरानी हरियाणा नस्ल की देशी गाय आज भी बढ़ा रही है प्रदेश की शान

हरियाणा में 8 लाख से ज्यादा देशी गाय का किया जा रहा है पालन-पोषण।
41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में प्रदेशभर से पहुंची 150 हरियाणा नस्ल की गाय
6 फीट ऊंची दीवार को कूद सकती है हरियाणा नस्ल की गाय।
हरियाणा नस्ल की अधिक दूध देने वाली गाय के लिए सरकार ने रखा 5 हजार से 40 हजार रुपए का इनाम।
कम पानी पीना पसंद करती है हरियाणा नस्ल की गाय।
कैटवॉक पर बिखरे हरियाणा नस्ल की गाय ने जलवे।

कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक/अमित) 6 फरवरी : वेदों पुराणों में भी हरियाणा नस्ल की देशी गाय का जिकर किया जाता है। अगर पशुपालन विभाग के अधिकारियों की बात को माने तो भगवान श्रीकृष्ण हरियाणा नस्ल की गाय को खूब प्यार करते थे। आज भी हरियाणा नस्ल की गाय प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। इस समय हरियाणा प्रदेश में गाउशालाओं के साथ-साथ पशुपालकों के पास करीब 8 लाख हरियाणा नस्ल की गाय हैं। अहम पहलू यह है कि कुरुक्षेत्र की 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में 150 हरियाणा नस्ल की गाय पशुपालक लेकर पहुंचे हैं। खास बात यह है कि हरियाणा के पशुपालन एवं कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने हरियाणा नस्ल की गाय का पूजन करके ही इस राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सोच है कि प्रदेश की हरियाणा नस्ल की गाय के साथ-साथ राठी, गिर, बिलाही, थार-पार, जैसी देशी नस्ल की गाय, बैल को संरक्षित करने, पशुपालक किसानों को मंच मुहैया कराने तथा आय को बढ़ाने के लिए ही राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी आयोजन के पहले दिन हरियाणा नस्ल की गाय ने आम नागरिक खासकर पशुपालकों का ध्यान आकर्षित किया। इस हरियाणा नस्ल की गाय का दूध बाकी देशी गायों से ज्यादा पौष्टिक है और 3 से 4 प्रतिशत ही फैट है। इस गाय का दूध बच्चों के लिए ज्यादा पौष्टिक है।
प्रदेश सरकार की सोच है कि हरियाणा नस्ल की देशी गाय के नस्ल में और सुधार लाया जाए। इसके लिए लगाकार वैज्ञानिकों द्वारा अनुसंधान का कार्य किया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में जींद, रेवाड़ी, चरखी दादरी सहित प्रदेश के अन्य जिलों से दर्जनों पशुपालक 150 हरियाणा नस्ल की गाय लेकर पहुंचे हैं और इस नस्ल की गाय मेले में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल बनवाला का कहना है कि प्राचीन काल से प्रदेश में हरियाणा नस्ल की गाय का पालन पोषण किया जाता रहा है। इस गाय को भगवान श्रीकृष्ण भी बहुत प्यार करते थे। इस समय हरियाणा में करीब 8 लाख इस नस्ल की गाय है, जिनका पालन पोषण घरों और गऊशालाओं में किया जा रहा है। इस नस्ल की गाय की कीमत 40 हजार रुपए से लेकर 1.50 रुपए तक है।
6 फीट उंची दीवार को कूद सकती है हरियाणा नस्ल की गाय।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल बनवाला ने कहा कि गायों में सिर्फ हरियाणा नस्ल की ही एक ऐसी गाय है, जो बिना छुए 6 फीट ऊंची दीवार को कूद सकती है। इस हरियाणा नस्ल की देशी गाय में इतनी फूर्ती हमेशा देखने को मिलेगी।
हरियाणा नस्ल की अधिक दूध देने वाली गाय के लिए सरकार ने रखा 5 हजार से 40 हजार रुपए का इनाम
उपनिदेशक डा. अनिल बनवाला ने कहा कि हरियाणा नस्ल की अधिक दूध देने वाली गाय के लिए सरकार ने इनाम राशि भी रखी है। इसके लिए बकायदा विशेष योजना को अमलीजामा भी पहनाया है। इस योजना के तहत पांच किलो से 15 किलोग्राम तक दूध देने वाली गाय को 5 हजार रुपए से लेकर 40 हजार रुपए तक का इनाम दिया जाता है। इसके लिए बकायदा पशुपालक को पोर्टल पर आवेदन करना होगा और इस आवेदन के बाद टीम द्वारा एक दिन में 3 बार दूध निकालकर दूध की मात्रा की औसत निकालनी होगी। इस प्रक्रिया के बाद दूध की मात्रा के अनुसार पशुपालक को इनाम दिया जाता है।
कम पानी पीना पसंद करती है हरियाणा नस्ल की गाय।
हरियाणा नस्ल की गाय कम पानी पीना पसंद करती है, लेकिन सफाई उतनी ही ज्यादा पसंद करती है। इसलिए हरियाणा नस्ल की गाय को सफाई में रखना जरूरी है। इस नस्ल की गाय पानी वाली जगह, मिट्टी वाली जगह पर बैठना पसंद नहीं करती है।
कैटवॉक पर बिखरे हरियाणा नस्ल की गाय ने जलवे।
41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में जहां ऊंट, घोड़ों, बैल, बकरे, भैंसे ने कैटवॉक में पशुपालकों का दिल जीता वहीं हरियाणा नस्ल की गाय का कैटवॉक के मंच पर जलवा देखने को मिला। इस गाय की फूर्ति को देखकर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया और महानिदेशक डा. प्रेम सिंह ने भी खूब प्रशंसा की है।

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