कुरुक्षेत्र विवि में पराक्रम के नेता ‘सुभाष चन्द्र बोस’ कार्यक्रम आयोजित

‘नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के विचारों से प्रेरणा लें युवा’।
थानेसर,(संजीव कुमारी) 8 फरवरी : नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का सम्पूर्ण व्यक्तित्व माँ भारती को समर्पित रहा, देश को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए उनके नेतृत्व में गठित ‘आजाद हिन्द फौज’ के वीर सैनानियों के बलिदान को कौन भूल सकता है? उन्होंने ही सर्वप्रथम ‘दिल्ली चलो’ का नारा बुलंद किया। नौजवानों में उनके आह्वान ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ ने इतना उत्साह भर दिया कि देश का युवा वर्ग अंग्रेजी शासन की ईंट से ईंट बजाने के लिए तैयार हो उठा। उक्त शब्द गुरुकुल वेद प्रचार विभाग के वरिष्ठ प्रचारक महाश्य जयपाल आर्य ने कुरुक्षेत्र विष्वविद्यालय के हिन्दी विभाग द्वारा आयोजित ‘पराक्रम के नेता सुभाष चन्द्र बोस’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि देश को आजादी केवल चरखा चलाने से नहीं मिली बल्कि लाखों की संख्या में वीरों ने अपने प्राणों को आजादी की बलिवेदी पर न्यौछावर किया तब जाकर भारत माँ को गुलामी की जंजीरों से आजादी मिली। कार्यक्रम में इंटेलीजेंस ब्यूरो के पूर्व चीफ श्यामाचरण पांडेय, समाजसेवी कृष्ण चन्द पांचाल, परमवीर आर्य, हिन्दी विभागाध्यक्षा प्रो0 पुष्पारानी सहित बड़ी संख्या में पीएचडी स्कॉलर मौजूद रहे।
प्रो0 पुष्पारानी ने कहा कि वर्तमान में युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण कर रही है जो उचित नहीं है। देश के वीर जवानों और अपनी समृद्ध वैदिक संस्कृति से जुड़े रहने के लिए शिक्षण संस्थानों में ऐसे आयोजनों का होना बेहद जरूरी है ताकि युवा पीढ़ी देश के सच्चे और वीर नायकों के जीवन से प्रेरणा ले सकें। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे सभी महानुभावों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और सभी का आभार जताया।



