जेन-जी की मानसिकता को आसानी से परख सकता है शिक्षक – कुलपति

नई पीढ़ी अपने मन में स्व का जागरण कर लक्ष्य को प्राप्त करें,
…. प्रो. संजीत कुमार
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में रही युवा तरंग की धूम,
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में आज युवा तरंग कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में स्थित दीक्षांत समारोह मैदान में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 संजीत कुमार गुप्ता, विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारी मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय सहारनपुर की कुलपति प्रो0 वाई विमला एवं कमला नेहरू इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो0 राजीव उपाध्याय तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
विश्वविद्यालय की मीडिया प्रभारी ने बताया कि आज विश्वविद्यालय परिसर में युवा तरंग की धूम रही। छात्र-छात्राएं एवं विश्वविद्यालय के प्राध्यापक गण गैर शिक्षक कर्मचारी एवं अधिकारी युवा तरंग के कार्यक्रम में पूरी तरह मशगूल दिखे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के वंदना से प्रारंभ हुई फिर विश्वविद्यालय का कुलगीत के उपरांत हुनर संस्था द्वारा होली खेलत है नंदलाल पर नृत्य प्रस्तुत किया तत्पश्चात हरिहरपुर घराने के कलाकारों ने खेलत मसाने में होली दिगम्बर से माहौल को भक्तिमय बना दिया। तदोपरांत कार्यक्रम की संयोजक प्रो0 बंदना पांडेय ने अतिथियों का परिचय कराते हुए उनके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। युवा तरंग कार्यक्रम में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी के प्रति आभार प्रकट किया। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 वाई विमला ने अपने संबोधन की शुरुआत जय मां भारती से किया उन्होंने कहा कि मैं कार्यक्रम में आए सबसे छोटे बच्चों से संबोधन की शुरुआत करती हूं ,उनका हृदय से स्वागत करती हूं । सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति संजीव कुमार न केवल मेरे मित्र हैं अपितु कुशल विचारक, प्रशासक एवं गणितज्ञ भी हैं जहां तक मुख्य अतिथि के रूप में पधारे बलिया के कुलपति का प्रश्न है वे तो इसी मिट्टी के लाल हैं। वंदना जी ने जो स्वागत भाषण दिया अपने मधुर बातों से कार्यक्रम में समा बांध दी। सामने बैठे परीक्षा नियंत्रक एवं वित्त अधिकारी का मैं हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन करती हूं। मित्रों उमंग है तभी तरंग है जहां तक देश को विश्व गुरु बनाने का प्रश्न है वह कार्य नवयुवक ही कर सकते हैं। तरंग क्या होता है उसमें हम दो महापुरुषों पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम एवं स्वामी विवेकानंद जी के कथन को उद्गृत करती हूं जो मेरी ड्यूटी है उसे सैल्यूट करना है तथा यूनिवर्स के सबसे खूबसूरत व्यक्ति आप स्वयं है 24 घंटे में आप दुनिया के सबसे खूबसूरत व्यक्ति यानी अपने आपके बारे में जरूर सोचे। विश्वविद्यालय के ब्रांड अम्बेसडर यहां के छात्र-छात्राएं हैं ।इसलिए हमें उनका आदर करना चाहिए। के एन आई सुलतानपुर के निदेशक प्रो0 राजीव उपाध्याय जी ने कहा कि शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में के एन इंस्टीट्यूट अपना यथोचित योगदान दे रहा है। युवा तरंग के उद्घाटन के अवसर पर मैं सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति एवं विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। मित्रों समाज पहले आपको देता है फिर आपसे अपेक्षा कर बैठता है जहां तक मंचासीन लोगों का प्रश्न है उनको समाज दे चुका है अब उनसे लेने की बारी है । मेरे इंस्टिट्यूट का स्टार्टअप 100 करोड़ तक पहुंच गया है मुझे यहां आकर असीम सुख प्राप्त हो रहा है। आपके शिक्षक व माता-पिता निस्वार्थ भाव से आपको प्यार देते हैं आपसे कुछ अपेक्षा नहीं करते उन्हें कुछ रिटर्न गिफ्ट नहीं चाहिए बस चाहिए तो सिर्फ आपकी मुस्कान। हमें मन पर नियंत्रण करना होगा।
मुख्य अतिथि के रूप में पधारे बलिया के कुलपति प्रो0 संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि वास्तव में व्यक्ति का होना उतना महत्वपूर्ण नहीं है सजीवता मायने रखती है। इस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 संजीव जी के मन में एक ऐसी संकल्पना है जिसको साकार करने हेतु विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों के सहयोग अपेक्षित है। यह ध्यान रखें की कुलपति जी के साथ-साथ आप सभी की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि विद्यार्थियों को पठन-पाठन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों में बराबर लगे रहने से उन्हें ऊर्जा प्राप्त होती रही है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति यानी प्रकृति के प्रति अपने को जोड़ना जरूरी है। स्वामी विवेकानंद का कथन कि उठो, जागो लक्ष्य प्राप्त होने तक रुको नहीं। हमें तत्कालीन स्वतंत्रता तो मिल गई परंतु स्व का जागरण अभी पूर्ण नहीं हुआ है। हम लक्ष्य प्राप्त करने हेतु सदैव गतिशील रहे। यही राष्ट्र के प्रति सच्ची सेवा होगी।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि इस आयोजन में सबसे पहले मैं सभी अतिथियों का हृदय से स्वागत करता हूं जिन्होंने एक संक्षिप्त सूचना पर मेरा आमंत्रण स्वीकार किया। विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से हम उनका बंदन एवं अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. वंदना पांडेय, उप-संयोजक प्रो. अरुण सिंह को कार्यक्रम का बैक-बोन बताते हुए उन्होंने कहा कि आपकी टीम का प्रयास काफी सराहनीय है। हमारे सामने बैठे प्राचार्यगण,संकायाध्यक्ष एवं शिक्षक साथियों के साथ साथ छात्र-छात्राओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। आजमगढ़ ऐसी ऊर्जावान धरती है जहां सिर्फ ऋषि मुनि और साहित्यकार ही पैदा नहीं हुई बल्कि यह वीरों की धरती है। आजमगढ़ के बगल में बिहार प्रदेश एवं भोले बाबा की नगरी काशी व गोरखनाथ धाम से जुड़े जनपद गोरखपुर के मध्य में है आजमगढ़। जहां साहित्यरूपी अविरल धारा सदैव प्रवाहित होती रहती है। युवा तरंग कार्यक्रम ज्ञान व सस्कृति को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है दो लोग कभी बूढ़े नहीं होते पहला शिक्षक और दूसरा सेना। सौभाग्य से हमारे यहां शिक्षक तो है ही सेना के रूप में कुलसचिव जी हमें प्राप्त हुए हैं ।शिक्षक जेन-जी आगे क्या करने वाली है उसकी मानसिकता को वह आसानी से परख लेता है। हम लोग युवा तरंग कार्यक्रम के दिन ही तीन शैक्षणिक समझौते एक मां शाकंभरी देवी विश्वविद्यालय दूसरा जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया से एवं तीसरा के.एन. इंस्टिट्यूट सुलतानपुर से करके विश्वविद्यालय को और गतिमान बनाने का प्रयास करेंगे। इस समझौते के माध्यम से आसानी से हमारी संस्थाएं शैक्षिक विचारों का आदान-प्रदान कर सकती है ।अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रथम सत्र के समापन की घोषणा की।
कार्यक्रम में जिन अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति थी उसमें सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यगण डीन एवं विद्यत परिषद के सदस्य, परीक्षा नियंत्रक वित्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण, प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 वैशाली डॉ0 निधि ने संयुक्त रूप से किया।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़
मोबाइल नंबर 9452 44 5878




