सांग महोत्सव हरियाणा का एक प्रमुख पारंपरिक लोकनाट्य उत्सव : डा. नरेन्द्र सिंह

सांग महोत्सव हरियाणा का एक प्रमुख पारंपरिक लोकनाट्य उत्सव : डा. नरेन्द्र सिंह
धनपत सिंह सांगी स्मृति पुरस्कार के उपलक्ष्य में 23 से 27 फरवरी तक किया जाएगा सांग महोत्सव का आयोजन।
थानेसर,(प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी) 15 फरवरी : जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डा. नरेन्द्र सिंह ने कहा कि सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा के महानिदेशक केएम पांडुरंग के आदेशानुसार व उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के मार्गदर्शन में धनपत सिंह सांग पुरस्कार के उपलक्ष्य में सांग महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। अहम पहलू यह है कि यह सांग महोत्सव 23 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक कलाकृति भवन हरियाणा कला परिषद के भरतमुनि रंगशाला के सभागार में आयोजित किया जाएगा।
जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डा. नरेन्द्र सिंह ने बातचीत करते हुए बताया कि हरियाणा के प्रसिद्ध सांगी धनपत सिंह के हरियाणा लोक संस्कृति योगदान को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा उपरांत धनपत सिंह सांगी की स्मृति में इस वर्ष धनपत सिंह सांगी पुरस्कार की घोषणा की जानी है। इसके लिए 23 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक कलाकृति भवन हरियाणा कला परिषद के भरतमुनि रंगशाला के सभागार में सांग महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। यह सांग महोत्सव 5 दिवसीय होगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के प्रसिद्ध सांगी धनपत सिंह सांगी की स्मृति में यह सांग महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। यह सांग महोत्सव हरियाणा का एक प्रमुख पारंपरिक लोकनाट्य उत्सव है, जो सांगी (कलाकारों) द्वारा संगीत, नृत्य और लोककथाओं के माध्यम से सामाजिक नैतिकता और पौराणिक कहानियों का मंचन करता है। उन्होंने कहा कि इस सांग महोत्सव में प्रस्तुत किए गए नाटक आमतौर पर बुराई पर अच्छाई की जीत पर आधारित होते हैं, जिनमें पौराणिक कथाएं (जैसे प्रहलाद भगत, राजा हरिश्चंद्र), ऐतिहासिक गाथाएं और सामाजिक मुद्दों (जैसे महिला सशक्तिकरण) को शामिल किया जाता है।
उन्होंने कहा कि जिसमें हरियाणा संस्कृति को जीवंत रखे हुए सांग पार्टियां इस महोत्सव में भाग लेगी और हरियाणा की संस्कृति धरोहर को सहेजने का काम करेगी। इतना ही नहीं यह सांग महोत्सव सुबह 10 बजे से सायं के 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव में नगाड़ा वादन, लोकगायन और 3-5 घंटे तक चलने वाली लंबी सांग प्रस्तुतियां दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा का लोकनाट्य सांग समस्त विधाओं से ओतप्रोत रहता है। जिसमें अभिनय के साथ-साथ नृत्य, संगीत, रागनी इत्यादि शामिल रहती है। प्रत्येक कलाकार पूरे रियाज के बाद 3 से 5 घंटे की प्रस्तुति से हरियाणा की पारम्परिक लोक विधाओं को किस्सें के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं।



