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अंधेरे में न्याय की लौ जलाकर सड़कों पर उतरे किसान : निकाला मशाल जुलूस

अंधेरे में न्याय की लौ जलाकर सड़कों पर उतरे किसान : निकाला मशाल जुलूस

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )

बरेली : एक महीने से शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे बरेली के हजारों किसान आज शाम प्रशासन की घोर उदासीनता और जांच कमेटी में किसान प्रतिनिधि को शामिल न करने के खिलाफ हुंकार भरते हुए सड़कों पर उतर आए और मशाल जुलूस निकाला ।
किसान सत्याग्रह संयोजक डॉ हरीश गंगवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के गोदाम से लगभग 10 हजार क्विंटल गेहूं-धान बीज की बेशर्मी भरी लूट के खिलाफ 17 जनवरी 2026 से गांधी पार्क, चौकी चौराहा पर जारी किसान सत्याग्रह आज पूरे एक महीने का हो गया, मगर प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि इस अन्याय के खिलाफ आज सैकड़ों किसानों ने जलती मशालें थामकर भव्य मशाल जुलूस निकाला।
मशाल जुलूस गांधी पार्क से शुरू हुआ गांधी पार्क चौकी चौराहा से गुज़रते हुए मंडलायुक्त कार्यालय स्थित शहीद स्थल पहुँचा और जहां मशालों की तेज रोशनी में किसानों ने गगनभेदी नारों से पूरे शहर को जगाने का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि यह जुलूस केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि न्याय की उस लौ का प्रतीक था जो अन्याय के अंधेरे को जलाकर राख कर देगी।
किसानों का गंभीर आरोप है कि आर्यधन फाइनेंशियल सॉल्यूशंस और आर्या कोलैटरल वेयरहाउसिंग सर्विसेज के निदेशकों ने सुनियोजित मिलीभगत से लगभग चार करोड़ रुपये की गेहूं-धान फसल/बीज जबरन लूट लिया। इस लूट से करीब 4000 छोटे-सीमांत किसान बर्बाद हो चुके हैं – उनकी मेहनत की कमाई छिन गई, परिवार भुखमरी के कगार पर हैं। किसान तत्काल FIR, लूटी गई पूरी रकम की भरपाई और भविष्य में ऐसी कॉरपोरेट लूट पर स्थायी रोक की मांग कर रहे हैं।
किसान नेता विपिन पटेल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “एक महीने से हम गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की संवेदनहीन चुप्पी और उदासीनता हमें मजबूर कर रही है कि हम अपनी आवाज को और तेज करें।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने कहा कि यह मशाल जुलूस न्याय की उस ज्वाला का संदेश है जो अंततः अन्याय को भस्म कर देगी। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और व्यापक व तीव्र बनाया जाएगा ।
मुकेश वाल्मिकी ने कहा कि किसानों की यह पुकार अन्याय के खिलाफ है। कांग्रेस पार्टी बरेली के किसानों के साथ खड़ी है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करती है।
जगदीश सरन ने कहा, “एक महीने से धरने पर बैठे किसानों की अनदेखी लोकतंत्र पर कलंक है। लूटेरों को सजा मिले और किसानों को न्याय।”
राज शर्मा ने कहा, “यह मशाल जुलूस किसानों की एकता और हिम्मत का प्रतीक है। प्रशासन जागे, वरना आंदोलन और बड़ा होगा।”
हरवीर सिंह ने कहा, “छोटे किसान की फसल लूटकर कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाना बंद हो। हमारा हक हमें वापस मिलेगा।
उल्फत सिंह कठेरिया ने कहा, “न्याय की यह लौ बुझने नहीं दी जाएगी। सभी किसान भाइयों का साथ चाहिए।
प्रोफेसर यश पाल सिंह ने कहा, “यह आंदोलन किसान अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। प्रशासन को किसानों की मांगें माननी होंगी।”*
मशाल जुलूस में महिलाओं, बुजुर्गों और युवा किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में जलती मशालें लिए उन्होंने एक स्वर में नारे लगाए:
“न्याय दो – न्याय दो!”
“लूटेरों को सजा दो!”
“किसान एकता जिंदाबाद!”
“अन्नदाता जिंदाबाद!”
मशाल जुलूस में शामिल होकर किसान अपनी एकता और दृढ़ संकल्प का शानदार परिचय दे रहे हैं।
उपस्थित लोगों मे डॉ. हरीश गंगवार , रमेश चंद्र श्रीवास्तव, हरवीर सिंह बाबी ,साहिब सिंह, विपिन पटेल ,उल्फत सिंह कठेरिया ,प्रोफेसर यश पाल सिंह, ज़ाहिद अली , डॉ सरताज हुसैन, कमरुद्दीन सैफी, इरशाद अली, तीरथ मधुकर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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