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सैनिकों का त्याग और बलिदान अतुलनीय, उनकी वीरता के कारण ही हम सुरक्षित : नवीन जिन्दल

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में ‘भारत रणभूमि दर्शन यात्रा’ का स्वागत, सांसद नवीन जिन्दल ने सैनिकों और वीर नारियों को किया सम्मानित।

कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी) 20 फरवरी : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के थर्ड गेट से जैसे ही ‘भारत रणभूमि दर्शन यात्रा’ के सैन्य वाहनों ने प्रवेश किया, पूरा परिसर देशभक्ति के उल्लास से सराबोर हो गया। सैन्य बैंड की मधुर धुनों और एनसीसी कैडेट्स के अनुशासन के बीच सांसद नवीन जिन्दल और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने गर्मजोशी से सैनिकों का स्वागत किया और यात्रा को ‘फ्लैग इन’ किया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आर.के. सदन में आज आयोजित कार्यक्रम में मेजर जनरल अरविंद यादव ने सांसद नवीन जिन्दल और कुलपति को यात्रा के उद्देश्यों और अब तक के वृत्तांत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह यात्रा किस प्रकार राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही है। इस दौरान मेजर जनरल यादव ने थल सेना, नौसेना और बीएसएफ के जांबाजों का परिचय सांसद जिन्दल से कराया। सैनिकों ने एक विशेष वीडियो के माध्यम से अपनी यात्रा के प्रेरक संस्मरण साझा किए और तिरंगे के सम्मान के लिए सांसद नवीन जिन्दल द्वारा किये गए ऐतिहासिक प्रयासों की सराहना की।
अपने संबोधन में सांसद नवीन जिन्दल ने लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर तारापोर, मेजर होशियार सिंह और सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल जैसे अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा, “हमारे सैनिकों की त्याग और बलिदान की भावना अतुलनीय है। वे दिन-रात सीमाओं पर डटे रहते हैं, ताकि देश का प्रत्येक नागरिक खुली हवा में सांस ले सके। सैनिकों की शूरवीरता और समर्पण से ही हम सुरक्षित हैं। हमें अपने सैनिकों का सम्मान करना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “मैं बचपन में सैन्य वाहनों को देखकर उन्हें सैल्यूट करता था और उन पर सवार सैनिक भी मेरे सेल्यूट का जवाब देते थे। मेरे मन में सेना में जाने के बड़ी इच्छा थी। मैं सेना में तो नहीं जा सका लेकिन सैनिकों की जीवन शैली मुझे आज भी प्रभावित करती है। मैं भले ही एक सैनिक नहीं हूं लेकिन मेरे सारे काम सैनिकों जैसे ही हैं। मैं बंदूक भी चलाता हूं और घुड़सवारी भी करता हूं। जब मुझे अपनी प्रैक्टिस के दौरान छोटी-सी बंदूक चलाने में इतना मजा आता है तो फौजियों को तोप चलाकर देश की रक्षा करने में कितना आनंद आता होगा!
इस अवसर पर सांसद जिन्दल ने वीर नारियों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्हें दी जाने वाली सम्मान राशि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की घोषणा की। कार्यक्रम में कारगिल योद्धाओं और यात्रा में शामिल सैनिकों को भी सम्मानित किया गया। फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सीईओ मेजर जनरल (रिटायर्ड) अशीम कोहली ने सभी सैनिकों को राष्ट्रीय ध्वज भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
मेजर जनरल अरविंद यादव और उनकी टीम ने साहस एवं शौर्य के प्रतीक स्वरूप सांसद नवीन जिन्दल को ‘तोप’ का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के विजन और जिन्दल स्टील के सहयोग से आयोजित राष्ट्रभक्ति के इस कार्यक्रम में सांसद नवीन जिन्दल ने नागरिकों से अपील की कि वे देश के पावन प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का सम्मान करें और उसके सम्मान के लिए काम करें। उन्होंने आह्वान किया कि पुराने और खंडित झंडों को पूरे सम्मान के साथ सहेजें, जिनकी रिसाइक्लिंग कर उनसे पुनः तिरंगा बनाकर देश को सौंपा जाएगा। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने भी सैनिकों के हौसले की सराहना करते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कर्नल अश्विन, डॉ. जगविंदर सिंह विर्क, प्रोफेसर ए.आर. चौधरी, प्रोफेसर अनीता दुआ, प्रोफेसर रीटा, प्रोफेसर बृजेश साहनी, प्रोफेसर विवेक चावला, एम.के. मौदगिल, डॉ. अतुल यादव, विशाल सिंगला, विनोद गर्ग, दिनेश जिन्दल और गौरव सिंगला मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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