पुस्तकें व्यक्तित्व के साथ चरित्र निर्माण का भी सशक्त माध्यमः प्रो. वीरेन्द्र पाल

केयू में पुस्तक प्रदर्शनी के दूसरे दिन उमड़ा विद्यार्थियों का उत्साह, 50 से अधिक प्रकाशकों की भागीदारी।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 28 जनवरी : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सामुदायिक केंद्र में कुलगुरु प्रो सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित तीन दिवसीय भव्य पुस्तक प्रदर्शनी के दूसरे दिन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली। प्रदर्शनी के दूसरे दिन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने पुस्तक प्रदर्शनी में पहुंचकर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा प्रकाशकों और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल जानकारी का स्रोत नहीं, बल्कि व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने से मस्तिष्क की न केवल कल्पनाशक्ति सक्रिय होती है, बल्कि निर्णय लेने की क्षमता के साथ सकारात्मक सोच का भी विकास होता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में पठन-पाठन की संस्कृति को मजबूत करते हैं और उन्हें गंभीर अध्ययन एवं शोध के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ-साथ साहित्य, दर्शन, विज्ञान और समसामयिक विषयों से संबंधित पुस्तकों का भी अध्ययन करें, ताकि उनका दृष्टिकोण व्यापक और संतुलित बन सके।
पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि पुस्तक प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अकादमिक साहित्य उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बाद विश्वविद्यालय में बडे़ स्तर पर पहली बार इस तरह की पुस्तक प्रदर्शनी में देश-विदेश के लगभग 56 प्रतिष्ठित प्रकाशकों ने भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसमें साहित्य, शोध, विज्ञान, भाषा सहित सभी विषयों की नवीनतम एवं शोधपरक पुस्तकों की व्यापक श्रृंखला उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से चयनित पुस्तकों से विश्वविद्यालय पुस्तकालय के संसाधनों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
इस अवसर पर पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. चेतन शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने पुस्तकों की खरीद में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उच्च शिक्षा में पठन-पाठन और शोध संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उप-पुस्तकालयाध्यक्ष एवं प्रदर्शनी संयोजक डॉ. संजय कौशिक ने बताया पुस्तक प्रदर्शनी में शैक्षणिक, तकनीकी, साहित्यिक, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं सामान्य ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विस्तृत संग्रह प्रस्तुत किया गया है, जिसे देखने और क्रय करने के लिए विद्यार्थी उत्साहपूर्वक पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनी स्थल पर विभिन्न विभागों के शिक्षकगण और विद्यार्थी उपयोगी पुस्तकों का चयन करते नजर आए।




