चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी,यूपी ने आजमगढ़ में लॉन्च किया अपना एडमीशन व स्कॉलरशिप पोर्टल सीयूसीईटी 2026

आजमगढ़ संवाद।
सीयूसीईटी 2025 के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की स्कालरशिप का लाभ ले सकेंगे आजमगढ़ और यूपी के छात्र
एआई आधारित शिक्षा से बदलेगा उच्च शिक्षा का स्वरूप, उन्नाव कैंपस बना परिवर्तन का मॉडल: प्रो डॉ थिपेंद्र पी सिंह, प्रो वाइस चांसलर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 23 ग्लोबल टॉप कंपनियों के साथ किया एमओयू, युवाओं को एआई शिक्षा ही नहीं ग्लोबल जॉब्स व स्टार्टअप्स में भी आगे बढ़ने का मिलेगा अवसर – प्रोफेसर डॉ थिपेंद्र पी सिंह, प्रो वाइस चांसलर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश

आजमगढ़, 13 फरवरी। भारत आज न केवल दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है। इसी विज़न को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश की पहली एआई सिटी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस परिवर्तनकारी पहल का एक अहम उदाहरण उन्नाव में सामने आया है, जहां चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक एआई-सपोर्टेड कैंपस स्थापित किया है। इसके साथ ही चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एआई आधारित कैंपस स्थापित करने वाली भारत की पहली निजी यूनिवर्सिटी बन गई है। कानपुर–लखनऊ रोड पर उन्नाव के एससीआर क्षेत्र में स्थित यह कैंपस न केवल एआई-सपोर्टेड शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स के रूप में भी तैयार कर रहा है। यह जानकारी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के प्रो वाइस चांसलर डॉ. थिपेंद्र पी. सिंह ने आजमगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
इस अवसर पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश द्वारा अपने स्कॉलरशिप एवं एडमिशन पोर्टल ‘सीयूसीईटी 2026’ की आधिकारिक शुरुआत की गई। यूनिवर्सिटी ने इस पहल के तहत छात्र-छात्राओं को 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप प्रदान करने की घोषणा की, जिससे एआई, रिसर्च और इनोवेशन आधारित उच्च शिक्षा को अधिक व्यापक और सुलभ बनाया जा सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. थिपेंद्र पी. सिंह ने बताया कि सीयूसीईटी स्कॉलरशिप योजना ने अपने पहले ही शैक्षणिक सत्र में उल्लेखनीय प्रभाव दिखाया है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 2,000 से अधिक विद्यार्थियों को करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप दी जा चुकी है। इससे विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर और आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का दीर्घकालिक लक्ष्य राज्य को एआई आधारित शिक्षा, शोध और तकनीकी नवाचार का वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
यूनिवर्सिटी के इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप फोकस को रेखांकित करते हुए डॉ थिपेंद्र पी सिंह, ने कहा कि ‘कैम्पस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी पहलें स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स को सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन और पेटेंट फाइलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट मिनिस्टर नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ द्वारा लॉन्च किए गए कैम्पस टैंक के माध्यम से अब तक 1,000 से अधिक स्टार्टअप्स को 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि गवर्नर आनंदीबेन पटेल द्वारा शुरू की गई नारी योजना टेक्नोलॉजी आधारित रिसर्च और इनोवेशन में महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रही है।
डॉ थिपेंद्र पी सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का एआई-एनहैंस्ड स्मार्ट कैंपस लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है, जो क्वालिटी एजुकेशन के साथ एडवांस्ड रिसर्च को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। इस एकेडमिक इकोसिस्टम के तहत यूनिवर्सिटी ने 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम शुरू किए हैं, जो एग्रीकल्चर, डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम रिसर्च और साइबर सिक्योरिटी जैसे इमर्जिंग क्षेत्रों में रिसर्च को नई गति देंगे।
उन्होंने कहा कि एक्सपीरिएंशल और इंडस्ट्री-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। एप्पल विज़न प्रो लैब, एआई-एमएल रिसर्च सेंटर और माइक्रोसॉफ्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस प्रदान कर रही हैं। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अनुरूप एडवांस्ड क्रेडिट सिस्टम और स्किल-बेस्ड प्रोग्राम भी लागू किए गए हैं, ताकि छात्र करियर की शुरुआत से ही ग्लोबल लेवल पर कॉम्पिटिटिव बन सकें।
इंटरनेशनल एमओयू और ग्लोबल इंडस्ट्री कोलैबोरेशन: डॉ सिंह ने बताया कि स्टूडेंट एक्सचेंज, जॉइंट रिसर्च और ग्लोबल इंटर्नशिप को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी ने कई प्रमुख विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू साइन किए हैं। साथ ही गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम समेत 23 ग्लोबल कंपनियों के साथ कोलैबोरेशन के जरिए एकेडमिक प्रोग्राम्स को इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, जिससे स्टूडेंट्स की एम्प्लॉयबिलिटी में स्पष्ट सुधार देखने को मिल रहा है।
2026–27 में 68 एआई-एनहैंस्ड एकेडमिक प्रोग्राम: उन्होंने जानकारी दी कि एकेडमिक सेशन 2026–27 के लिए यूनिवर्सिटी ने कुल 68 एआई-एनहैंस्ड और इंडस्ट्री-अलाइनड प्रोग्राम लॉन्च किए हैं, जिनमें 40 अंडरग्रेजुएट, 16 पोस्टग्रेजुएट और 12 लेटरल एंट्री प्रोग्राम शामिल हैं। इनका उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को फ्यूचर-रेडी स्किल्स, प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस और ग्लोबल करियर अपॉर्च्युनिटीज के लिए तैयार करना है।
पहले ही वर्ष में नेशनल लेवल पर मजबूत पहचान: यूनिवर्सिटी की तेज़ प्रगति का जिक्र करते हुए डॉ सिंह ने कहा कि पहला वर्ष उपलब्धियों और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान का रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटन के बाद चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने देश की पहली प्राइवेट एआई-बेस्ड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। माइक्रोसॉफ्ट एआई बूटकैंप, 60 से अधिक फ्री हाई-डिमांड एडवांस्ड क्रेडिट प्रोग्राम्स और 100 से ज्यादा कंपनियों वाला कॉरपोरेट एडवाइजरी बोर्ड यूनिवर्सिटी के इनोवेशन और प्लेसमेंट इकोसिस्टम को लगातार मजबूत कर रहा है। करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप, जिनमें सी. वी. रमन स्कॉलरशिप भी शामिल है, मेधावी छात्रों को प्रेरित कर रही हैं, जबकि नए पीएचडी प्रोग्राम राज्य में रिसर्च कल्चर को नई दिशा दे रहे हैं।
एआई कन्वर्जेंस समिट और नेशनल इनिशिएटिव्स: डॉ सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से हाल ही में आयोजित एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 सेंट्रल गवर्नमेंट के अपकमिंग इंडिया एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट 2026 (16–20 फरवरी, नई दिल्ली) का ऑफिशियल प्री-इवेंट रहा। इसमें पांच देशों के एआई व टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, पॉलिसी मेकर्स, ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर्स, स्टार्टअप्स और इन्वेस्टर्स ने हिस्सा लिया।
‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन और एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन: समिट के दौरान यूनिवर्सिटी ने ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य भारत को एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर बनाना है। इसके साथ ही भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन भी आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से 1,500 टीमें और 5,000 से अधिक युवा प्रतिभागी 100 से ज्यादा हेल्थकेयर प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स पर एआई-आधारित समाधान विकसित कर रहे हैं।
सीयूसीईटी 2026 पोर्टल लॉन्च, एडमिशन प्रक्रिया शुरू: इस अवसर पर डॉ थिपेंद्र पी सिंह ने सीयूसीईटी 2026 पोर्टल लॉन्च करते हुए बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रवेश कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के माध्यम से किया जाता है। इच्छुक अभ्यर्थी https://cucet.cuchd.in
पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या टोल-फ्री नंबर 18002701411 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीयूसीईटी का उद्देश्य फाइनेंशियल बैरियर्स कम करना, एकेडमिक आकांक्षाओं को सपोर्ट करना और प्रदेश के युवाओं के लिए एआई-बेस्ड शिक्षा व रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।



