
फिरोजपुर में स्व. चेतना कक्कड़ की स्मृति में भावपूर्ण शोक सभा का आयोजन
(पंजाब) फिरोजपुर 10 अप्रैल [कैलाश शर्मा जिला संवाददाता]=
स्थानीय क्षेत्र में स्व. चेतना कक्कड़ जी की स्मृति में एक भावपूर्ण शोक एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साध्वी मनस्विनी भारती जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अपने सारगर्भित आध्यात्मिक विचार साझा किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सभा को संबोधित करते हुए साध्वी जी ने जीवन की नश्वरता और वास्तविक अध्यात्म की आवश्यकता पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य भौतिकता की अंधी दौड़ में शांति खोज रहा है, लेकिन सच्ची शांति केवल ‘ईश्वर दर्शन’ (ब्रह्मज्ञान) से ही संभव है। जब तक मनुष्य अपने भीतर उस परम तत्व को प्रायोगिक रूप से नहीं जान लेता, तब तक उसका जीवन अधूरा है। ईश्वर का साक्षात अनुभव ही आत्मा को परम तृप्ति और दिशा प्रदान कर सकता है।
समाज में तेजी से फैल रही कुरीतियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए साध्वी मनस्विनी भारती जी ने कहा कि आज हमारा समाज और विशेषकर युवा वर्ग नशा तथा अश्लीलता जैसी गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में है। ये बुराइयां केवल सामाजिक पतन का कारण नहीं हैं, बल्कि यह दर्शाती हैं कि समाज अपनी आध्यात्मिक जड़ों से पूरी तरह कट चुका है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कुरीतियों को केवल बाहरी कानूनों, प्रतिबंधों या खोखले उपदेशों से खत्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए मनुष्य के भीतर एक 'आंतरिक क्रांति' की आवश्यकता है, जो केवल आध्यात्मिक जागृति से ही आ सकती है। जब कोई व्यक्ति ईश्वर दर्शन के माध्यम से ईश्वरीय आनंद का वास्तविक रस चख लेता है, तो उसका विवेक जागृत होता है और वह स्वतः ही नशे और अश्लीलता जैसे विनाशकारी आकर्षणों से मुक्त हो जाता है।
अंत में, उपस्थित सभी गणमान्य लोगों, परिजनों और परिचितों ने दो मिनट का मौन रखकर स्व. चेतना कक्कड़ जी को अपनी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। साध्वी जी ने प्रभु के चरणों में प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति व धैर्य प्रदान करें।


