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श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय को देहदान कर अमर हो गए डॉ. सुतेंद्र गौड़

श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय को देहदान कर अमर हो गए डॉ. सुतेंद्र गौड़

डॉ. सुतेंद्र गौड़ का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान।

कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 27 जनवरी : चिकित्सक को धरती पर भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है और इस कथन को अपने जीवन से सार्थक करने वाले कुरुक्षेत्र के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुतेंद्र गौड़ (78) अब हमारे बीच नहीं रहे। रोहतक पीजीआई से एमबीबीएस करने के उपरांत उन्होंने अपने जीवन के 50 वर्षों से अधिक समय तक मानव सेवा को ही अपना धर्म बनाया।
जीवन के अंतिम क्षणों तक भी डॉ. गौड़ सेवा में तत्पर रहे। उनका संपूर्ण जीवन सेवा, संवेदना और त्याग की अनुपम मिसाल रहा। मृत्यु के बाद भी उन्होंने मानवता की सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा। परिवारजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी देह श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय को दान कर दी, जिससे भावी आयुष चिकित्सकों को शिक्षा एवं अनुसंधान में अमूल्य सहयोग मिलेगा। देहदान कर डॉ. सुतेंद्र गौड़ वास्तव में अमर हो गए। इस अवसर पर आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि डॉ. सुतेंद्र गौड़ का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, करुणा और निस्वार्थ भाव का जीवंत उदाहरण रहा है। डॉ. गौड़ का जीवन यह संदेश देता है कि सच्चा चिकित्सक मृत्यु के बाद भी समाज को दिशा देता है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। देहदान का उनका निर्णय आने वाली पीढ़ियों के चिकित्सकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे चिकित्सक समाज के लिए सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहते हैं और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के रचना शरीर स्नातकोत्तर विभाग के अध्यक्ष डॉ. सतीश वत्स ने देहदाता एवं उनके परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देहदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान और चिकित्सा का मार्ग प्रशस्त होता है। प्राध्यापक डॉ. सचिन शर्मा सहित संस्थान के समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने देहदानी डॉ. सुतेंद्र गौड़ के इस महान योगदान को नमन किया। इस अवसर पर दधीचि देहदान समिति के सदस्य अशोक रोशा, मास्टर जितेंद्र एवं मनोज सेतिया भी उपस्थित रहे।
पिता जी बोलते थे देहदान सच्ची सेवा: डॉ. संयम।
बता दें कि डॉ. गौड़ का परिवार भी समाजसेवा और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उनकी धर्मपत्नी सैलजा गौड़ भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं। उनका बड़ा पुत्र अमेरिका, बड़ी पुत्री भानवी गौड़ इंग्लैंड में हैं, जबकि छोटे पुत्र डॉ. संयम गौड़ राजस्थान के जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल में बतौर फिजिशियन सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. संयम गौड़ ने भावुक स्वर में बताया कि उनके पिता सदैव कहते थे कि देहदान से भावी चिकित्सकों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और यही सच्ची सेवा है।

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