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फिरोजपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का भावपूर्ण वर्णन

फिरोजपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का भावपूर्ण वर्णन
(पंजाब) फिरोजपुर 16 मार्च [कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता] =
फिरोजपुर शहर की एकता नगर कॉलोनी हॉल में आयोजित पावन श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिवस पर कथा व्यास आचार्य पंडित परशुराम शुक्ल जी महाराज, श्री धाम वृंदावन ने भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी जी के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा व्यास जी ने बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी जी भगवान श्रीकृष्ण को अपना पति मान चुकी थीं और उन्होंने एक ब्राह्मण के माध्यम से श्रीकृष्ण को संदेश भेजा। रुक्मिणी जी की प्रार्थना सुनकर भगवान श्रीकृष्ण विदर्भ पहुँचे और स्वयंवर से पूर्व ही रुक्मिणी जी का हरण कर उन्हें अपने साथ द्वारका ले आए। बाद में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी का भव्य विवाह संपन्न हुआ।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे। पूरे पंडाल में “जय श्री कृष्ण” और “राधे-राधे” के जयकारे गूंज उठे तथा श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर प्रभु की महिमा का गुणगान किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया और प्रभु भक्ति में लीन रहे।
आयोजकों में मुख्य रूप से श्री अमित शर्मा (निवासी गुरु नगर), डॉ. युवराज नारंग, श्री राजेश सचदेवा व समस्त नगरवासी उपस्थित रहे।



