श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन,सप्तम दिवस में सुदामा चरित्र तक हुआ मंगल विश्राम

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : श्री कृष्ण कृपा प्रचार समिति के 33वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के सप्तम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के प्रेरणा स्रोत पूज्य गुरुदेव श्री वेदांतानंद महाराज जी के कृपापात्र श्री ब्रह्मचारी भोलानंद जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में भगवान श्रीकृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाहों, महाराज अनिरुद्ध के जन्म, समरासुर वध, स्यमंतक उपाख्यान, भौमासुर वध, अनिरुद्ध विवाह, राजसूय यज्ञ और जरासंध वध का विस्तार से वर्णन किया गया। श्रीकृष्ण की अग्रज पूजा तथा श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
मंगल विश्राम अवसर पर पूज्य महाराज जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा जीवन को सही दिशा देने वाली है। इसका श्रवण मानव को सदमार्ग पर चलने और आत्मिक शांति प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।
शाम के सत्र में आयोजित भजन संध्या के कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। भजन गायकों में भजन गायक जगदीश भाटिया, विनोद ग्रोवर, दिनेश तनेजा, दीपक भाटिया, विजय बंसल ,दीपक अरोड़ा और होशियार सिंह ने सुमधुर भजनों से वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। भजन संध्या के साथ ही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन हुआ।




