पर्यावरण संरक्षण मानव अस्तित्व से जुड़ा गंभीर विषय : प्रो. वीरेन्द्र पाल

कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने युवाओं को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
कुरुक्षेत्र (प्रमोद कौशिक) 17 फरवरी : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय के अंतर्गत ईको क्लब द्वारा विश्वविद्यालय के क्रश हॉल में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो वीरेंद्र पाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा गंभीर दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ‘जीरो वेस्ट लाइफस्टाइल’ अपनाकर, हरित तकनीकों को बढ़ावा देकर और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में जागरूकता फैलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। उन्होंने प्रतिभागियों की सृजनात्मकता और सामाजिक सरोकार की भावना की सराहना की।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो ए.आर. चौधरी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि ईको क्लब का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं।
प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने ‘जीरो वेस्ट लाइफस्टाइल’, ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स एंड एनवायरनमेंट’ तथा ‘ग्रीन टेक्नोलॉजीज’ विषयों पर आकर्षक एवं संदेशपूर्ण हस्तनिर्मित पोस्टर तैयार किए।
निर्णायक मंडल में डीन रिसर्च एंड डेवलेपमेंट प्रो. संजीव अग्रवाल, चीफ वार्डन प्रो. कुसुमलता और ललित कला विभाग के डॉ. आरके सिंह द्वारा पोस्टरों का मूल्यांकन रचनात्मकता, विषय की प्रासंगिकता, संदेश की स्पष्टता तथा प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को 20 फरवरी को पुरस्कृत किया जाएगा।
मंच का संचालन ईको क्लब की डिप्टी नोडल आफिसर डॉ. मीनाक्षी सुहाग ने किया। कार्यक्रम के अंत में डिप्टी पर्यावरण नोडल आफिसर प्रो. दीपक राय बब्बर ने मुख्यातिथि, छात्र कल्याण अधिष्ठाता तथा सभी उपस्थित हितधारकों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर डॉ पूजा, डॉ. हरदीप राय, डॉ. नितिन सहगल, शोधार्थी कोर्डिनेटर कवर सिंह सहित शिक्षक, शोधार्थी व विद्यार्थी मौजूद थे।




