टपकती छत से पक्के आवास तक-उषा देवी के जीवन में आया स्थिरता और सम्मान का उजियारा

कोरिया 08 दिसम्बर 2025/ परिवार जीवन की वह गाड़ी है जिसकी दो मुख्य धुरियाँ पति और पत्नी होते हैं। इनमें से किसी एक का साथ छूट जाने पर दूसरे के कंधों पर संघर्ष दोगुना हो जाता है। ऐसी ही परिस्थितियों में वर्षों तक पक्के घर का सपना संजोकर रखने वाली श्रीमती उषा देवी अब अपने नए आवास को देखकर भावुक हो उठती हैं और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करती हैं।
कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत तरगंवा में निवास करने वाली उषा देवी के पति मेवालाल का काफी समय पहले निधन हो गया था। खेती से होने वाली सीमित आय में बच्चों की परवरिश और जर्जर कच्चे मकान की देखभाल उनके लिए बेहद कठिन थी। बरसात में छत टपकने के कारण रातभर जागकर बच्चों को भीगने से बचाना उनकी मजबूरी बन चुका था। ऐसी स्थिति में पक्का घर उनके परिवार के लिए बस एक कल्पना मात्र था।
लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनकी इस कल्पना को वास्तविकता में बदल दिया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में पात्रतानुसार उनका चयन हुआ और उन्हें नया पक्का मकान स्वीकृत किया गया।
निर्माण अवधि के दौरान उनके पंजीकृत परिवार को मनरेगा के तहत 90 दिवस का अकुशल रोजगार भी मिला, जिससे आर्थिक बोझ कम हुआ और मकान निर्माण सुगमता से पूर्ण हो सका।
अपने बीते हुए संघर्षों को याद करते हुए उषा देवी ने भावुक होकर कहा-अब कोई चिंता नहीं है पहले बारिश में बच्चे भीग न जाएँ, इसलिए रातभर जागना पड़ता था। अब हमारा घर मजबूत है, और जीवन चौन से बीतेगा यह उम्मीद भी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला यह पक्का आवास उनके लिए सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और जीवन में नए आत्मविश्वास का आधार बन चुका है।




