राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का भव्य शुभारंभ — बच्चों को अल्बेंडाजोल दवा खिलाकर जिलाधिकारी ने अभियान की शुरुआत

आजमगढ़। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का भव्य शुभारंभ जाफरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के स्काउट-गाइड के बच्चों द्वारा जिलाधिकारी का सलामी एवं स्काउट तालियों के साथ स्वागत कर की गई, जिससे वातावरण उत्साहपूर्ण हो उठा।
तदोपरांत जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने बच्चों को अल्बेंडाजोल टैबलेट खिलाकर जनपद में इस राष्ट्रीय अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। बच्चों को दवा खिलाने से पूर्व जिलाधिकारी ने स्वयं अल्बेंडाजोल दवा का सेवन कर बच्चों एवं अभिभावकों को यह संदेश दिया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है तथा इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। उन्होंने बताया कि कृमिनाशक दवा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक तीव्रता एवं शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है तथा इससे कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की रोकथाम में सहायता मिलती है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. एन.आर. वर्मा सहित वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी अल्बेंडाजोल दवा का सेवन कर अभियान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया तथा बच्चों को दवा खिलाई। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को भी प्रतीकात्मक रूप से टैबलेट खिलाकर अभियान को सफल बनाने हेतु स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोरों को पेट के कीड़ों से मुक्त करना है। पेट में कीड़े होने से बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अल्बेंडाजोल की खुराक लेने से इन कीड़ों का नाश होता है, जिससे बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और वे कुपोषण व एनीमिया जैसी समस्याओं से सुरक्षित रहते हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. एन.आर. वर्मा ने जनपदवासियों से अपील की कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण स्तर एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से सभी पात्र बच्चों को कृमिनाशक दवा अवश्य दिलवाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने विद्यालयों में मिड-डे मील भोजन तैयार करने वाले रसोइयों/भोजनमाताओं से भी स्वयं कृमिनाशक दवा का सेवन करने की अपील की, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।
डिप्टी सीएमओ/नोडल एनडीडी डाॅ. अरविंद चौधरी ने विशेष रूप से बताया कि यदि कोई बच्चा किसी कारणवश आज दवा लेने से वंचित रह गया है तो उसे अनिवार्य रूप से दवा दिलाई जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा कृमिनाशक दवा से वंचित न रहे। उन्होंने आगे जानकारी दी कि अभियान के तहत आज 10 फरवरी को जनपद के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को दवा खिलाई जा रही है तथा 13 फरवरी को मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा, जिसमें छूटे हुए बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक, एडिशनल सीएमओ डाॅ. उमाशरण पांडेय, डाॅ. अब्दुल अजीज़, डिप्टी सीएमओ/नोडल एनडीडी डाॅ. अरविंद चौधरी, डाॅ. आलेन्द कुमार, डाॅ. अविनाश झा, अधीक्षक पल्हनी डाॅ. अजय कुमार, प्रभारी प्रचार-प्रसार मनीष तिवारी, एनडीडी समन्वयक प्रदीप मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा जाफरपुर जूनियर विद्यालय के अध्यापक-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।




